गैस सप्लाई पर राहत: सरकार ने बढ़ाई छोटे सिलेंडरों की संख्या, बिना एड्रेस प्रूफ भी मिलेगा LPG

सरकार ने यह भी तय किया है कि इन सिलेंडरों का वितरण राज्य सरकारों के जरिए किया जाएगा. राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग इस काम को संभालेंगे और तेल कंपनियां इसमें मदद करेंगी. इसका मकसद यह है कि सिलेंडर सही लोगों तक पहुंचे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

नई दिल्ली | Updated On: 7 Apr, 2026 | 12:38 PM

Migrant workers LPG scheme: दुनिया में चल रहे तनाव का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है. खासकर ईरान के आसपास बढ़ते संकट के कारण LPG (रसोई गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है. ऐसे समय में केंद्र सरकार ने एक अहम और राहत भरा कदम उठाया है. सरकार ने राज्यों को दिए जाने वाले 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडरों की संख्या दोगुनी कर दी है, ताकि प्रवासी मजदूरों को खाना बनाने में किसी तरह की दिक्कत न हो.

प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत

देश में लाखों लोग ऐसे हैं जो काम की तलाश में अपने घर से दूर रहते हैं. इनमें मजदूर, छात्र, छोटे काम करने वाले लोग और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं. इनके पास अक्सर स्थायी घर या गैस कनेक्शन नहीं होता, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो जाता है. सरकार ने इसी समस्या को समझते हुए 5 किलो वाले छोटे LPG सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला लिया है. अब पहले के मुकाबले दोगुने सिलेंडर राज्यों को दिए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंच सके.

कैसे होगा सिलेंडर का वितरण

सरकार ने यह भी तय किया है कि इन सिलेंडरों का वितरण राज्य सरकारों के जरिए किया जाएगा. राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग इस काम को संभालेंगे और तेल कंपनियां इसमें मदद करेंगी. इसका मकसद यह है कि सिलेंडर सही लोगों तक पहुंचे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो. खास ध्यान इस बात पर दिया जाएगा कि यह सुविधा केवल जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों को ही मिले.

अब एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं

इस योजना को आसान बनाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है. अब 5 किलो का गैस सिलेंडर लेने के लिए एड्रेस प्रूफ देना जरूरी नहीं होगा. अब कोई भी प्रवासी मजदूर, छात्र या दिहाड़ी काम करने वाला व्यक्ति सिर्फ एक पहचान पत्र और एक साधारण घोषणा देकर सिलेंडर ले सकता है. इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके पास स्थायी पता नहीं है.

अब बिना झंझट मिलेगा LPG सिलेंडर, सरकार ने सप्लाई भी की दोगुनी

 

छात्रों और प्रोफेशनल्स को भी फायदा

इस फैसले का फायदा सिर्फ मजदूरों को ही नहीं, बल्कि उन छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी मिलेगा जो अपने घर से दूर रहते हैं. पहले गैस कनेक्शन लेना उनके लिए मुश्किल होता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया आसान हो गई है. वे नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर आसानी से सिलेंडर ले सकते हैं और अपने लिए खाना बना सकते हैं.

घरेलू इस्तेमाल के लिए ही सुविधा

सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा केवल घर में खाना बनाने के लिए है. इसका इस्तेमाल किसी दुकान, होटल या अन्य व्यावसायिक काम के लिए नहीं किया जा सकता. इससे यह सुनिश्चित होगा कि गैस का सही उपयोग हो और जिन लोगों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, उन्हें ही इसका लाभ मिले.

मुश्किल समय में सहारा

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक हालात के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. ऐसे में सरकार का यह कदम आम लोगों, खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो लाखों लोगों के लिए रोज का खाना बनाना आसान हो जाएगा और उनकी जिंदगी थोड़ी और बेहतर हो सकेगी.

Published: 7 Apr, 2026 | 12:31 PM

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