सरकार ने कई साल से बंद चीनी मिल की जमीन कौड़ियों के भाव में बेची, BKS आंदोलन करेगा
Kailaras Sugar Factory Morena : भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साई रेड्डी ने कैलारस गन्ना शुगर फैक्ट्री की जमीन औने-पौने दाम पर बेचे जाने का कड़ा विरोध करते हुए फैसला वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि चीनी मिल को चालू कराने की बजाय उसे बेचा जा रहा है, जबकि संघ ने उपाय सरकार को बताए थे.
मध्य प्रदेश के मुरैना में एक समय गन्ना किसानों की जान रही और सैकड़ों लोगों को रोजगार देने वाली कैलारस शक्कर कारखाना कई साल से बंद पड़ा है. अब राज्य सरकार ने चीनी मिल की जमीन को भी औने-पौने दाम पर बेच दिया है. चीनी मिल की कीमत जमीन बेचने का आरोप भारतीय किसान संघ (BKS) ने लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. वहीं, कांग्रेस के स्थानीय विधायक चीनी मिल मामले पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
439 करोड़ की जमीन को 61 करोड़ में बेचा
कैलारस शुगर फैक्ट्री मुरैना मामले में मध्य प्रदेश सरकार पर भारतीय किसान संघ ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है कि पहले इसे चालू कराने का भरोसा दिया गया था. लेकिन, सरकार ने किसानों और किसान संगठनों को बरगलाते हुए पीछे से चीनी मिल की जमीन को एमएसएमई विभाग को कौड़ियों के भाव में बेच दी. भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत ने कहा कि चीनी मिल की 12 एकड़ से ज्यादा जमीन है और इसकी वैल्यू 439 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. लेकिन, सरकार ने एमएसएमई विभाग को मात्र 61 करोड़ रुपये में यह जमीन सौंप दी है.
सीएम ने गन्ना किसानों के भरोसे को तोड़ा
भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा कि 17 जुलाई 2026 को संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष के. साइ रेड्डी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर कैलारस चीनी मिल को चलाने या दूसरा उपाय बताते हुए ज्ञापन सौंपा था. कहा कि मुख्यमंत्री ने मौखिक आश्वासन दिया था कि कैलारस शक्कर कारखाना की भूमि को एमएसएमई (MSME) को देने का निर्णय रद्द किया जाएगा और कारखाने को सहकारिता में पुनर्जीवित करने के लिए समिति गठित होगी. इसके बाद बाद भारतीय किसान संघ आश्वस्त था कि सरकार जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक आदेश जारी करेगी. 22 अगस्त को सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग विभाग ने एक आदेश जारी कर निजी उद्योगपतियों को फैक्टरी चलाने के लिए आमंत्रित करने की निविदा जारी कर दी गई.
संघ के प्रस्ताव को दरकिनार कर बैकडोर से मिल बेची
किसान संघ ने कहा है कि चीनी कारखाने की निजी भूमि का मूल्य 438.4 करोड़ रुपये है, जिसे केवल 61 करोड़ रुपये में MSME विभाग को दे दिया गया. जबकि नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री ने NCDC से 5,000 करोड़ रुपये की सहायता लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग में 20 से अधिक कारखाने लगाने का प्रस्ताव दिया था. जिस प्रस्ताव का उल्लंघन किया जा रहा है, यह समझ से परे है. इसके बावजूद MSME विभाग ने 21 अगस्त 2026 को निजी उद्यमियों से 12 हेक्टेयर भूमि में शक्कर कारखाना चलाने हेतु रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) विज्ञप्ति जारी की और शेष भूमि पर औद्योगिक भूखंड विकसित करने की सूचना दी.
किसानों की संपत्ति किसानों को सौंपे सरकार- के साई रेड्डी
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साई रेड्डी ने जारी बयान में कैलारस गन्ना शुगर फैक्ट्री (मुरैना) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ किसान संघ आंदोलन करेगा और हमारा नारा होगा हमारी संपत्ति हमको दीजिए. संगठन ने राज्य सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात और वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगाया है.
बीकेएस प्रतिनिधिमंडल ने कैलारस चीनी मिल का दौरा किया.
सरकार तुरंत आदेश रद्द करे, नहीं तो आंदोलन होगा
किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार एमएसएमई (MSME) के इस आदेश को तत्काल निरस्त नहीं करती है, तो संगठन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा तथा किसान हित में न्यायालयीन कार्रवाई के लिए बाध्य होगा. आंदोलन पर 7 सितंबर को हरदा की बैठक में चर्चा होगी. सरकार ने शुक्रवार को एमएसएमई विभाग से ईओआई टेंडर जारी कर फैक्टरी के शेयर होल्डर किसानों से धोखा किया. भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रांत के अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा कि एमएसएमई को जमीन देने की बजाय मुख्य सचिव को अपने स्तर से निर्णय लेकर सहकारी एक्ट की धारा 69-4 में शक्कर कारखाना को चलाने के लिए उसकी संपत्ति शेयर होल्डर किसानों की कमेटी बनाकर उनको सौंप देना चाहिए थी. लेकिन ऐसा न करके 439 करोड़ रुपए की संपत्ति को सरकार ने 60.92 करोड़ रुपए में एमएसएमई को सौंप दिया.