भारत की इकोनॉमी में कोऑपरेटिव बना नया सुपरपावर! 1 लाख करोड़ पार कर अमूल-सारस्वत ने रचा नया इतिहास

Dairy Sector: अमूल और सारस्वत सहकारी बैंक ने 1 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान दी है. इस सफलता को पारदर्शिता, सामूहिक मेहनत और जनविश्वास की बड़ी जीत माना जा रहा है. इससे डेयरी, बैंकिंग, किसानों की आय और आत्मनिर्भर भारत की दिशा को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद बढ़ी है.

नोएडा | Updated On: 7 Apr, 2026 | 05:13 PM

Cooperative Growth: जब लाखों लोग भरोसे, मेहनत और साझेदारी के साथ एक लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो नतीजा सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि इतिहास बनता है. इस बार यही इतिहास अमूल (GCMMF) और सारस्वत सहकारी बैंक ने रचा है. दोनों संस्थानों ने 1 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार का बड़ा मुकाम हासिल कर सहकारिता मॉडल की ताकत को देश के सामने नई पहचान दी है. यह उपलब्धि किसानों, ग्राहकों, कर्मचारियों और सदस्यों की सामूहिक मेहनत की जीत मानी जा रही है. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी इसे सहकार से समृद्धि विजन की मजबूत मिसाल बताया है.

अमूल ने डेयरी सेक्टर में बनाया नया रिकॉर्ड

देश की सबसे भरोसेमंद डेयरी ब्रांड अमूल  (Amul) ने वर्ष 2025-26 में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वार्षिक टर्नओवर हासिल कर नया इतिहास रच दिया. GCMMF के अनुसार यह पिछले साल के मुकाबले करीब 11 फीसदी ज्यादा है. इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि अमूल का पूरा मॉडल किसानों पर आधारित है. लाखों दुग्ध उत्पादक किसान हर दिन दूध सप्लाई करते हैं और वही इस सफलता की असली ताकत हैं. गांवों से शहरों तक पहुंचा अमूल का नेटवर्क अब दुनिया के कई देशों में भी अपनी पहचान बना चुका है. यह सिर्फ एक ब्रांड की नहीं, बल्कि किसानों की सामूहिक जीत है.

सारस्वत सहकारी बैंक ने भी छुआ ऐतिहासिक मुकाम

सहकारी बैंकिंग सेक्टर  में सरस्वती सहकारी बैंक (Saraswat Co-operative Bank) ने भी कुल कारोबार में 1 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर नई मिसाल कायम की है. यह उपलब्धि बताती है कि सहकारी बैंक अब सिर्फ छोटे स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े बैंकिंग संस्थानों के साथ मजबूती से खड़े हैं. आम ग्राहकों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के भरोसे ने बैंक को इस मुकाम तक पहुंचाया है. बैंकिंग में पारदर्शिता, आसान सेवाएं और मजबूत ग्राहक संबंध इसकी सबसे बड़ी ताकत बने हैं. यही वजह है कि सहकारी बैंकिंग अब तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है.

अमित शाह बोले, सहकारिता की शक्ति का जीवंत उदाहरण

केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि अमूल और सारस्वत बैंक का 1 लाख करोड़ रुपये पार करना सहकारिता की शक्ति और अपार संभावनाओं का जीवंत उदाहरण है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ डेयरी और बैंकिंग सेक्टर के लिए ऐतिहासिक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को भी नई ऊर्जा देने वाली है. अमित शाह ने इससे जुड़े सभी कर्मयोगियों, किसानों, कर्मचारियों और सदस्यों को बधाई दी. उनका कहना है कि यह सफलता साबित करती है कि पारदर्शिता, सामूहिकता और जनविश्वास से सहकारिता हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान बना सकती है.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई ताकत

अमूल और सारस्वत बैंक की यह सफलता सिर्फ दो संस्थानों की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे सहकारिता सेक्टर  के लिए प्रेरणा है. इससे किसानों की आय, डेयरी कारोबार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी बैंकिंग को नई दिशा मिलेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि इस मॉडल में लाभ का फायदा सीधे आम लोगों और सदस्यों तक पहुंचता है. यही वजह है कि इसे आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव माना जा रहा है. आने वाले समय में यह उपलब्धि दूसरे सहकारी संस्थानों को भी बड़ा लक्ष्य तय करने की प्रेरणा देगी. साफ है कि जब किसान, ग्राहक और संस्थान मिलकर काम करते हैं, तो ₹1 लाख करोड़ जैसे आंकड़े भी सिर्फ शुरुआत लगते हैं.

Published: 7 Apr, 2026 | 08:22 PM

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