IFFCO के MD केजे पटेल बोले- नैनो उर्वरक को मिली बड़ी सफलता, 301 लाख बोतलें बिकीं

IFFCO के प्रबंध निदेशक केजे पटेल ने बताया कि इफको ने 'धाराअमृत' नाम का नया जैव-उत्तेजक उत्पाद भी लॉन्च किया है, जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक और ह्यूमिक तत्वों, जरूरी खनिजों और केले के रस से बना है. किसानों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, जो टिकाऊ खेती में इसकी उपयोगिता दिखाती है.

नोएडा | Updated On: 1 Apr, 2026 | 06:15 PM

IFFCO के प्रबंध निदेशक (MD) केजे पटेल ने कहा कि इफको ने नैनो उर्वरकों की बिक्री में बड़ी सफलता हासिल की है. कुल 301 लाख बोतलें बिकी हैं, जिसमें नैनो यूरिया प्लस तरल की 221 लाख और नैनो डीएपी तरल की 64.89 लाख से ज्यादा बोतलें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पहले ही साल में नैनो जिंक की 5.97 लाख और नैनो कॉपर की 2.15 लाख बोतलें बिकीं. उनके मुताबिक, सटीक खेती के लिए नैनो तकनीक का इस्तेमाल उर्वरक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. अगले 3- 4 साल में इफको पारंपरिक यूरिया और डीएपी की खपत का 10 फीसदी नैनो यूरिया प्लस और नैनो डीएपी से बदलने की योजना बना रहा है.

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में इफको की पारंपरिक उर्वरकों  की बिक्री 118.75 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें 75.73 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 27.58 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 15.44 लाख मीट्रिक टन एनपीके शामिल हैं. परिचालन दक्षता में सुधार के चलते सभी संयंत्रों में कुल उत्पादन 90.62 लाख मीट्रिक टन रहा, जिसमें 48.28 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 42.34 लाख मीट्रिक टन एनपीके, डीएपी, जल विलेय और विशेष उर्वरक शामिल हैं. फूलपुर-II और आंवला-I इकाइयों ने यूरिया का उच्चतम उत्पादन किया, जबकि पारादीप इकाई ने बल्क उर्वरक और सल्फ्यूरिक एसिड का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया. देशभर में कुल 119.68 लाख मीट्रिक टन उर्वरक सफलतापूर्वक आपूर्ति किए गए.

नैनो तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की

केजे पटेल ने बताया कि इफको ने नैनो तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी के स्वदेशी रूप से विकसित नैनो एनपीके तरल (8-8-10) और नैनो एनपीके दानेदार (20-10-10) को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत आधिकारिक मंजूरी मिल गई है. ये उत्पाद फसलों को संतुलित पोषण देने में अहम भूमिका निभाएंगे. खास बात यह है कि इन्हें पत्तियों और जड़ों दोनों के जरिए आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे खेती में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा.

प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम

उन्होंने कहा कि किसानों और सहकारी समितियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मजबूत है. पश्चिम एशिया में बदलते हालात के बावजूद कंपनी ने वैश्विक साझेदारों के साथ समन्वय बनाकर उर्वरकों की सप्लाई और उत्पादन को बिना रुकावट जारी रखा है. खरीफ 2026 सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक तैयार है. उन्होंने कहा कि मैंने किसानों से नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील की है और इसके सही उपयोग के लिए प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही है.

IFFCO के प्रबंध निदेशक केजे पटेल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह समय अपनी उपलब्धियों को देखने और सभी का धन्यवाद करने का है. उन्होंने बताया कि पिछले साल IFFCO ने कृषि तकनीक के जरिए किसानों की मदद करने पर ज्यादा ध्यान दिया. उनका लक्ष्य फसल उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना और किसानों को बेहतर बाजार दिलाना रहा, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिली है.

केजे पटेल ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इफको की पारादीप इकाई में नए सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट-III का हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया. उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘आत्मनिर्भर कृषि’ के लक्ष्य की दिशा में उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है.

‘धाराअमृत’ नाम का नया उत्पाद लॉन्च होगा

प्रबंध निदेशक केजे पटेल ने बताया कि इफको ने ‘धाराअमृत’ नाम का नया जैव-उत्तेजक उत्पाद भी लॉन्च किया है, जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक और ह्यूमिक तत्वों, जरूरी खनिजों और केले के रस से बना है. किसानों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, जो टिकाऊ खेती में इसकी उपयोगिता दिखाती है. उन्होंने कहा कि इफको नैनो तकनीक, ड्रोन, एआई और डेटा एनालिटिक्स को जोड़कर देश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने पर काम कर रहा है. प्रबंध निदेशक ने कहा कि इफको ने नैनो तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कोयंबटूर स्थित इफको-नैनोवेन्शंस में इस साल इनोवेशन हब का उद्घाटन किया जाएगा. साथ ही, वैश्विक विस्तार के तहत ब्राजील में एक नैनो उर्वरक संयंत्र अगस्त 2026 तक शुरू होने की तैयारी में है. कंपनी ने कहा कि ये उपलब्धियां देशभर के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत और समर्पण का परिणाम हैं.

टीमों के समर्पण की भी सराहना की

केजे पटेल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में इफको का कर-पूर्व लाभ पिछले रिकॉर्ड 4,106 करोड़ रुपयये (वित्त वर्ष 2022-23) को पार करने का अनुमान है, जो एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने इफको परिवार के सभी सदस्यों को बधाई दी और मानव संसाधन, औद्योगिक संबंध और कानूनी टीमों को खासतौर पर धन्यवाद दिया, खासकर नैनो उत्पादों के पेटेंट के लिए. साथ ही संयंत्र, विपणन, वित्त, आईटी, विधि, कॉर्पोरेट और जनसंपर्क सहित सभी विभागों की टीमों के समर्पण की भी सराहना की.

दिलीप संघाणी का धन्यवाद किया

केजे पटेल ने इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी, उपाध्यक्ष बलवीर सिंह और निदेशक मंडल के सभी सदस्यों को मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. सभी कर्मचारियों, कर्मचारी संघ और अधिकारी संघ का भी योगदान सराहा. साथ ही उन्होंने उर्वरक विभाग, सहकारिता मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, तथा भारत और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के निरंतर समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रसाद नड्डा के सहयोग और मार्गदर्शन की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि नए वित्तीय वर्ष में, इफको नवाचार और किसानों के जीवन में बदलाव लाने पर ध्यान केंद्रित करेगा. उन्होंने सभी को सफलता, समृद्धि और उत्कृष्टता की शुभकामनाएं दीं.

Published: 1 Apr, 2026 | 06:08 PM

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