Farmer ID: अब किसानों को लोन लेने के लिए लंबी लाइन में लगने या ढेर सारे कागज जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सोचिए, अगर सिर्फ 15 मिनट में बिना दस्तावेज के लोन मिल जाए तो खेती करना कितना आसान हो जाएगा. बिहार सरकार की नई पहल कुछ ऐसा ही बदलाव लेकर आई है, जो किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकती है.
फार्मर आईडी से आसान होगा लोन
बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की है, जिसमें फार्मर आईडी सबसे अहम कड़ी है. इस आईडी में किसान की जमीन, फसल और पहचान से जुड़ी सारी जानकारी पहले से ही सेव रहेगी. अब जब किसान KCC लोन के लिए आवेदन करेगा, तो उसे अल-अलग दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी. बैंक और संबंधित एजेंसियां इसी डिजिटल डेटा के आधार पर लोन को जल्दी मंजूरी दे देंगी. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. गांव में बैठे-बैठे ही लोन की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी. सरकार का मानना है कि इससे किसानों का समय भी बचेगा और मेहनत भी कम होगी.
15 मिनट में मिलेगा KCC लोन
नई व्यवस्था के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन अब सिर्फ 15 मिनट में मिल सकेगा. पहले जहां इस प्रक्रिया में कई दिन या हफ्ते लग जाते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा. यह सुविधा खासतौर पर छोटे और मध्यम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगी, जिन्हें खेती के लिए तुरंत पैसों की जरूरत होती है. समय पर लोन मिलने से किसान बीज, खाद और अन्य जरूरी चीजें बिना देरी के खरीद सकेंगे. सरकार ने शुरुआत में 75 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को इस सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इससे लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा.
एआई देगा खेती की सलाह
तकनीक को और मजबूत बनाते हुए सरकार ने भारत-विस्तार एआई प्लेटफॉर्म को बिहार कृषि मोबाइल ऐप से जोड़ दिया है. अब किसान इस ऐप के जरिए खेती से जुड़ी सलाह भी ले सकेंगे. इसमें एक खास चैटबॉट सुविधा दी गई है, जो किसानों को तुरंत जवाब देती है. किसान इससे पूछ सकते हैं कि कौन सी फसल कब बोनी है, कौन सा खाद सही रहेगा या मौसम कैसा रहेगा. इतना ही नहीं, इस ऐप पर सरकारी योजनाओं की जानकारी भी आसानी से मिल जाएगी. इससे किसानों को सही समय पर सही फैसला लेने में मदद मिलेगी और उनकी पैदावार भी बेहतर हो सकेगी.
तेजी से बढ़ रहा डिजिटल जुड़ाव
बिहार सरकार के मुताबिक बिहार कृषि ऐप से अब तक 8.33 लाख से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं. वहीं फार्मर आईडी बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 14 फरवरी तक लगभग 85.53 लाख पीएम किसान लाभार्थियों में से करीब 43.04 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो कुल का 50 प्रतिशत से ज्यादा है. सरकार इस योजना को और आगे बढ़ाने के लिए 450 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है. इस पूरी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा. उन्हें सीधे सरकार और बैंक से लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और खेती करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा.