किसानों को कर्ज पर बड़ी राहत का फैसला, राजस्थान ने पुराने लोन के ब्याज पर उठाया कदम, पढ़ें डिटेल्स

राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देते हुए ब्याज माफी योजना की अवधि बढ़ा दी है. प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को पुराने कर्ज के ब्याज और पेनाल्टी से राहत मिलेगी. सरकार का कहना है कि इससे किसान आर्थिक बोझ कम कर दोबारा सहकारी ऋण व्यवस्था से जुड़ सकेंगे और खेती के लिए नई वित्तीय मदद प्राप्त कर पाएंगे.

नोएडा | Published: 12 May, 2026 | 04:03 PM

Rajasthan Farmers: राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी. मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की अवधि बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दी है. सरकार का कहना है कि पिछले साल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ था, जिसके कारण कई किसान योजना का लाभ नहीं ले सके थे. अब सरकार ने ऐसे किसानों को राहत देने के लिए योजना की समय सीमा बढ़ा दी है. इस योजना के तहत किसानों को अवधि पार ब्याज, पेनाल्टी ब्याज और वसूली खर्च में 100 प्रतिशत तक राहत दी जाएगी.

प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक के अनुसार, राज्य के कई जिलों में खरीफ 2025 के दौरान भारी बारिश  और बाढ़ जैसी स्थिति बनी थी. इसके अलावा मार्च और अप्रैल 2026 में हुई असामयिक बारिश और ओलावृष्टि ने भी किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया. फसल खराब होने से कई किसान आर्थिक संकट में आ गए और वे अपने पुराने कर्ज का भुगतान नहीं कर सके. इसी वजह से बहुत से किसान मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए थे. सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए योजना की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है. सरकार का मानना है कि इससे हजारों किसानों को राहत मिलेगी और वे अपने लंबित ऋण खातों का निपटारा आसानी से कर पाएंगे.

ब्याज और पेनाल्टी में मिलेगी पूरी छूट

इस योजना के तहत 1 जुलाई 2024 तक के बकाया अवधि पार ब्याज, दंडनीय ब्याज और वसूली खर्च में 100 प्रतिशत राहत दी जाएगी. यानी किसानों को पुराने ब्याज और जुर्माने का बोझ  नहीं उठाना पड़ेगा. सरकार का कहना है कि इससे किसान अपने कर्ज का निपटारा कर दोबारा सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकेंगे. योजना का लाभ लेने के बाद किसान फिर से सरकारी योजनाओं के तहत कम ब्याज पर ऋण लेने के पात्र बन जाएंगे. राज्य सरकार की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत भी किसानों को सस्ता ऋण मिल सकेगा. इससे खेती के लिए जरूरी खर्च उठाना किसानों के लिए आसान हो जाएगा.

हजारों किसानों को मिल चुकी बड़ी राहत

सरकार के आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक 10 हजार 523 किसानों ने योजना के तहत अपने हिस्से की करीब 143 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई है. इसके बदले उन्हें लगभग 190 करोड़ रुपये की राहत मिली है. इसके अलावा 561 किसानों ने आंशिक भुगतान भी किया है. सरकार का कहना है कि बाकी राशि जमा करने के बाद इन किसानों को भी योजना  का पूरा लाभ दिया जाएगा. राज्य सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और कई किसानों को दोबारा खेती के लिए वित्तीय मदद मिलने का रास्ता खुला है.

किसानों को फिर आर्थिक मजबूती देने की कोशिश

सरकार का कहना है कि यह फैसला सिर्फ राहत देने के लिए नहीं, बल्कि किसानों को फिर से आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लिया गया है. सहकारी ऋण व्यवस्था  से जुड़ने पर किसानों को खेती के लिए आसानी से कर्ज मिल सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. ऐसे समय में ब्याज राहत योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है. राजस्थान सरकार का उद्देश्य किसानों को कर्ज के बोझ से बाहर निकालकर उन्हें दोबारा खेती और दूसरी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है. सरकार ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे अपने संबंधित भूमि विकास बैंक से संपर्क कर योजना का लाभ जल्द से जल्द लें. अगर किसान समय रहते इस योजना का फायदा उठाते हैं, तो उन्हें पुराने कर्ज के भारी ब्याज से राहत मिलेगी और भविष्य में सस्ती दर पर नया ऋण लेने का मौका भी मिलेगा.

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