आंध्र प्रदेश में खत्म हुआ लैंड टाइटलिंग एक्ट, मार्च 2027 तक 72.7 लाख किसानों को मिलेंगी नई पट्टादार पासबुक

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य सरकार ने विवादित लैंड टाइटलिंग एक्ट खत्म कर दिया है. मार्च 2027 तक 9,833 गांवों में 72.7 लाख एरर-फ्री पट्टादार पासबुक वितरित किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य भूमि विवाद कम करना, किसानों को सुरक्षित मालिकाना हक देना और रायलसीमा के विकास को गति देना है.

Kisan India
नोएडा | Published: 11 Jul, 2026 | 11:00 PM

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि राज्य सरकार ने विवादित लैंड टाइटलिंग एक्ट को खत्म कर दिया है. अब सरकार भूमि विवाद कम करने और लोगों को उनकी जमीन का सुरक्षित मालिकाना हक देने पर काम कर रही है. उन्होंने घोषणा की कि मार्च 2027 तक राज्य के 9,833 गांवों में 72.7 लाख त्रुटिरहित (एरर-फ्री) पट्टादार पासबुक वितरित किए जाएंगे.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को उनकी जमीन के स्पष्ट और सही दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चला रही है, ताकि भविष्य में भूमि से जुड़े विवाद कम हों. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रायलसीमा को औद्योगिक और बागवानी क्षेत्र  का बड़ा केंद्र बनाने के लिए कई नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. वहीं, राज्य में 22 फीसदी बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने ‘जलधारा योजना’ शुरू की है, ताकि सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को पूरा किया जा सके और किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े.

जमीन को लेकर डर और भ्रम का माहौल बनाया

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पिछली वाईएसआरसीपी (YSRCP) सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने लैंड टाइटलिंग एक्ट के जरिए लोगों में जमीन को लेकर डर और भ्रम का माहौल बनाया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस कानून को खत्म कर जमीन मालिकों को कानूनी सुरक्षा देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले निजी जमीन के दस्तावेजों और सर्वे पत्थरों पर नेताओं की तस्वीरें लगाई जाती थीं, लेकिन अब उनकी जगह राज्य सरकार की आधिकारिक मुहर लगाई जा रही है, ताकि जमीन के दस्तावेज अधिक भरोसेमंद और कानूनी रूप से सुरक्षित हों.

राहत देने के लिए कई कदम उठा गए

नायडू ने कहा कि सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं. धोने विधानसभा क्षेत्र की 2,074 एकड़ वक्फ संपत्ति और 1,971 गांवों की इनाम भूमि समेत हजारों एकड़ जमीन को 22A प्रतिबंधित सूची से हटा दिया गया है. इसके अलावा, सरकार ने ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम भी शुरू किया है, जिससे पारिवारिक (पैतृक) संपत्ति का नामांतरण कानूनी उत्तराधिकारियों के नाम आसानी से और तेजी से हो सकेगा.

60,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्रस्तावित

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सूखा प्रभावित रायलसीमा क्षेत्र को औद्योगिक और बागवानी  का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के विकास के लिए 40,000 करोड़ रुपये का सरकारी निवेश और 60,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्रस्तावित है. नायडू ने कहा कि आने वाले समय में कडप्पा स्टील प्लांट, हीरो मोटर्स और एडवांस्ड AMCA फाइटर जेट प्लांट जैसी बड़ी परियोजनाएं शुरू होने से रायलसीमा देश का प्रमुख विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और औद्योगिक केंद्र बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि रायलसीमा में बनने वाली रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलें पूरे देश में अपनी पहचान बनाएंगी.

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 11 Jul, 2026 | 11:00 PM

लेटेस्ट न्यूज़