क्या देश को आत्मनिर्भर और स्वच्छ ईंधन देने के नाम पर एथेनॉल बनाने के लिए दिया जाने वाला सरकारी सब्सिडी का सस्ता चावल रास्ते में ही गायब हो रहा है? मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बालाघाट से एक ऐसा कथित और बेहद चौंकाने वाला खेल सामने आया है, जिसने पूरी एथेनॉल नीति और सप्लाई चेन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों से छिंदवाड़ा की एक एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए जो अतिरिक्त सब्सिडी वाला चावल भेजा गया था, वह अपनी तय मंजिल तक पहुंचा ही नहीं; बल्कि उसे रास्ते में ही डायवर्ट करके बालाघाट की एक निजी राइस मिल में पहुंचा दिया गया.
और पढ़ें