Tip Of The Day: पशुपालक हो जाएं सावधान, बारिश में ये 6 गलतियां बिगाड़ सकती हैं डेयरी का पूरा खेल
Dairy Farming Tips: बरसात का मौसम जहां किसानों के लिए राहत लेकर आता है, वहीं दुधारु पशुओं के लिए कई नई चुनौतियां भी साथ लाता है. इस मौसम में जरा-सी लापरवाही पशुओं को बीमार कर सकती है, जिसका सीधा असर दूध उत्पादन और पशुपालकों की कमाई पर पड़ता है. ऐसे में पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) बताते हैं कि, अगर पशुपालक कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें, तो पशुओं को स्वस्थ रखने के साथ-साथ दूध की मात्रा भी बेहतर बनाए रखी जा सकती है. आइए जानते हैं, बरसात के मौसम में दुधारु पशुओं की देखभाल के 6 सबसे जरूरी उपाय.

बरसात में पशुओं को कभी भी सड़ा-गला, फफूंद लगा या लंबे समय से रखा हुआ चारा न दें. हमेशा साफ, सूखा और ताजा चारा खिलाएं, ताकि पाचन संबंधी समस्याओं और संक्रमण से बचाव हो सके.

हरे चारे को भूसे के साथ मिलाकर खिलाएं. साथ ही आहार में अनाज और मिनरल मिक्सचर भी शामिल करें. इससे पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन में कमी नहीं आती.

बरसात के मौसम में पशुओं को गीली या गंदगी वाली जगह पर न बांधें. साफ और सूखा बाड़ा रखने से फंगल संक्रमण, खुर की बीमारी और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा काफी कम हो जाता है.

इस मौसम में मुंहपका-खुरपका (FMD) जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का लाभ उठाएं और सभी पशुओं का समय पर टीका लगवाएं.

अगर पशु को बुखार, भूख कम लगना, मुंह या खुर में घाव, चलने में परेशानी या दूध उत्पादन में अचानक कमी दिखाई दे, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें.

बरसात में सही खानपान, साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच से पशु स्वस्थ रहते हैं. इससे बीमारियों का खतरा कम होता है और दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहता है.