कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर केंद्र का बड़ा फैसला, राज्यों को वितरण बढ़ाकर 70 फीसदी किया गया
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का वितरण बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया है, जिसमें 20 फीसदी मजदूरी-प्रधान उद्योगों के लिए रखा गया है. PNG को बढ़ावा देने वाले सुधारों के आधार पर राज्यों को अतिरिक्त 10 फीसदी कोटा दिया गया है. कई राज्यों ने इसे लागू कर लाभ उठाया है.
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति आसान बनाने के लिए राज्यों को इसका वितरण बढ़ाकर 70 फीसदी करने का फैसला किया है. इसमें से 20 फीसदी हिस्सा स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और अन्य मजदूरी प्रधान उद्योगों के लिए रखा गया है. उन्होंने कहा कि इसमें प्राथमिकता उन उद्योगों को दी जाएगी जहां पाइपलाइन गैस का विकल्प नहीं है.
उन्होंनें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव द्वारा सभी राज्यों के सचिवों को जारी किए गए एक पत्र को शेयर करते हुए ये जानकारी दी. इस पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के आवंटन को लेकर जारी पहले के पत्रों (16, 18 और 21 मार्च 2026) के क्रम में राज्यों को राहत दी है. इसके तहत राज्यों को संकट से पहले के कोटे का 40 फीसदी एलपीजी दिया गया था. इसके अलावा, PNG को बढ़ावा देने के लिए किए गए सुधारों के आधार पर अतिरिक्त 10 फीसदी कोटा भी दिया गया. कई राज्यों ने ये सुधार लागू कर लिया है और अतिरिक्त 10 फीसदी कोटे का लाभ उठा चुके हैं.
When rest of the world has been taking drastic fuel conservation measures such as odd-even, 4 day work weeks, school and office closures and increasing fuel prices by 20-30%, India under PM @narendramodi Ji remains an oasis of energy security, availability and affordability.… pic.twitter.com/5aTZfGiKGE
और पढ़ें— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026
अतिरिक्त 20 फीसदी और देने का प्रस्ताव रखा
सरकार ने गैर-घरेलू एलपीजी के मौजूदा 50 फीसदी आवंटन के अलावा अब अतिरिक्त 20 फीसदी और देने का प्रस्ताव रखा है. इससे कुल कमर्शियल एलपीजी का कोटा बढ़कर संकट से पहले के स्तर का 70 फीसदी हो जाएगा. यह अतिरिक्त 20 फीसदी कोटा खास तौर पर उद्योगों को दिया जाएगा. इसमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल और प्लास्टिक जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता मिलेगी, क्योंकि ये अन्य जरूरी सेक्टरों को भी सहारा देते हैं. साथ ही, उन उद्योगों को ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी, जहां खास तरह की हीटिंग के लिए एलपीजी जरूरी है और जिसे नेचुरल गैस से बदला नहीं जा सकता.
औद्योगिक एलपीजी का कुल आवंटन बढ़कर 70 फीसदी तक हो जाएगा
सरकार ने सभी राज्यों से अनुरोध किया है कि वे नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 को अपने सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाएं. साथ ही राज्यों से यह भी कहा गया है कि अगर उन्होंने अभी तक सुधारों के आधार पर मिलने वाले 10 फीसदी अतिरिक्त कोटे का लाभ नहीं लिया है, तो तुरंत इसका उपयोग करें. इससे कमर्शियल और औद्योगिक एलपीजी का कुल आवंटन बढ़कर 70 फीसदी तक हो जाएगा, जिससे उद्योगों को राहत मिलेगी और उनके कामकाज में आसानी होगी.
The global situation remains in flux, and we are closely monitoring developments across energy, supply chains, and essential commodities on a real-time basis.
Under the leadership of Hon’ble PM @narendramodi Ji, all necessary steps are being taken to ensure uninterrupted…
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026
लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया
वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने कहा कि भारत में लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है. यह अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करके जनता में फैली चिंताओं और अफवाहों को रोकने की कोशिश की और इसे ‘बेहद गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक’ बताया. पुरी ने कहा कि ऐसे समय में हमें शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहना चाहिए. अफवाह फैलाकर डर पैदा करना गलत है. उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ऊर्जा, सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं की स्थिति पर वास्तविक समय में नजर रख रही है ताकि किसी तरह की समस्या न हो.