देश के 166 बड़े जलाशय आधे से भी कम भरे, सिर्फ 28 फीसदी भंडारण बचा, मॉनसून से उम्मीदें

India water crisis 2026: देश के बड़े जलाशयों में इस समय पानी का स्तर काफी कम हो गया है. कुल 166 जलाशयों में सिर्फ करीब 28 फीसदी पानी ही बचा है, जो पिछले साल से थोड़ा कम है. देश के कई हिस्सों में जून की शुरुआत से ही बारिश कम हुई है या हुई ही नहीं, जिससे पानी की कमी बढ़ गई है.

नोएडा | Published: 13 Jun, 2026 | 10:28 AM

Reservoir Water Level India: देश के प्रमुख जलाशयों में इस समय पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है. केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 166 बड़े जलाशयों में कुल क्षमता का केवल 28 प्रतिशत पानी ही बचा है, जो लगभग 51.917 अरब घन मीटर (BCM) के बराबर है. हालात यह हैं कि, इस हफ्ते किसी भी बड़े जलाशय में पानी का स्तर 90 फीसदी तक नहीं पहुंच पाया, और सिर्फ चार में से एक जलाशय ही आधे से ज्यादा भरा हुआ है. पिछले साल इसी समय पानी का स्तर 56.533 BCM था, यानी इस बार स्थिति थोड़ी खराब है. हालांकि, पिछले 10 सालों के औसत (44.834 BCM) से यह अभी भी बेहतर माना जा रहा है.

बारिश की कमी ने बढ़ाई परेशानी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जून से 11 जून के बीच देश के लगभग दो-तिहाई हिस्से में या तो बहुत कम बारिश हुई है या बारिश नहीं हुई. हालांकि मानसून 4 जून को देश में प्रवेश कर चुका है, लेकिन इसका असर अभी पूरे देश में समान रूप से नहीं दिखा है. इसी वजह से कई राज्यों में जलाशयों का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, खासकर दक्षिण और पूर्वी भारत में स्थिति ज्यादा खराब है.

दक्षिण और पूर्वी भारत में सबसे खराब हालात

दक्षिण भारत के राज्यों में हालात चिंताजनक हैं.

कुल मिलाकर दक्षिण भारत के 47 जलाशयों में केवल 21 फीसदी पानी बचा है.

पूर्वी भारत में भी स्थिति कमजोर है:

पश्चिम और मध्य भारत की स्थिति भी सामान्य नहीं

पश्चिमी भारत में 53 जलाशयों में सिर्फ 31 फीसदी पानी बचा है.

मध्य भारत में स्थिति थोड़ी बेहतर है लेकिन अभी भी चिंता बनी हुई है.

क्या आने वाले दिनों में सुधरेगा हालात?

मौसम विभाग का अनुमान है कि, आने वाले दिनों में पश्चिमी तट पर मॉनसून फिर से सक्रिय हो सकता है. अगर बारिश सामान्य रही, तो जलाशयों का स्तर धीरे-धीरे सुधर सकता है.

देश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति अभी भी बनी हुई है. बारिश की कमी और मॉनसून की धीमी रफ्तार ने चिंता बढ़ाई है. हालांकि, आने वाले हफ्तों में बारिश बढ़ने की उम्मीद है, जिससे जलाशयों में पानी का स्तर सुधार सकता है और स्थिति कुछ राहत भरी हो सकती है.

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