दिल्ली पेयजल संकट: 9000 हजार करोड़ से नए वॉटर प्लांट बनेंगे, दिल्ली ग्राम विकास पर 787 करोड़ खर्च होंगे
Delhi Budget 2026: CM रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार का 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. बजट में दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को बड़ी रकम दी गई है. इसके साथ पेयजल संकट दूर करने के लिए 9000 करोड़ का फंड तय किया गया है, ताकि पानी के टैंकर की लाइन से लोगों को छुटकारा मिल सके. कई अन्य बडे़ ऐलान किए गए हैं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश किया, जिसका कुल अनुमानित खर्च प्रस्ताव 1,03,700 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी “ट्रिपल इंजन” सरकार के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रही है. दिल्ली के बजट में पेयजल संकट दूर करने पर बड़ा ऐलान किया गया है. इसके तहत 9000 हजार करोड़ रुपये जल बोर्ड के लिए आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का ऐलान किया गया है. सीएम ने कहा कि गर्मी के दिनों में हम किसी को पेयजल के लिए टैंकर की लाइन में नहीं लगने देंगे. इसके अलावा दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को 787 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इससे दिल्ली के ग्रामीण हिस्सों में सुविधाएं बेहतर की जाएंगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट को “ग्रीन बजट” बताते हुए कहा कि शहर बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि “मुफ्त की चीजों की संस्कृति” ने विकास दर पर असर डाला है. और कहा कि 2018 से 2020 के बीच राजस्व में गिरावट देखी गई. बजट में 74,000 करोड़ रुपये के कर राजस्व का अनुमान लगाया गया है, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) के लिए 11,666 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरी सबसे ज्यादा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरी सबसे ज्यादा है. बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 5,921 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि शहरी विकास और आश्रय परियोजनाओं के लिए 7,887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. गुप्ता ने कहा कि हमारा लक्ष्य सुरक्षित सड़कें, जलवायु गलियारे और बेजोड़ कनेक्टिविटी है.
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दिल्ली ग्राम विकास पर खर्च होंगे 787 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने शहर के ट्रांस-यमुना क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये की घोषणा की, जबकि दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को 787 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. गुप्ता ने धूल-मुक्त सड़कें बनाने के लिए 1,352 करोड़ रुपये की घोषणा की, जिसमें पूरे शहर में 750 किलोमीटर सड़कों की पूरी तरह से री-कारपेटिंग (दोबारा डामरीकरण) शामिल है. सरकार ने बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. गुप्ता ने कहा कि सरकार ओवरहेड तारों को हटाने पर काम कर रही है और इस उद्देश्य के लिए अलग से 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
मोदी मिल फ्लाईओवर बढ़ाने के लिए राशि मंजूर
उन्होंने आगे कहा कि बजट में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए भी 160 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो गैर-अनुरूप क्षेत्रों (non-conforming areas) के लिए इस तरह का पहला आवंटन है. नजफगढ़ नाले के लिए लगभग 454 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं, जबकि बजट में MLA स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के लिए भी 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, मौजूदा वित्त वर्ष में मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी और सावित्री सिनेमा चौराहे तक बढ़ाने के लिए 151 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, और इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 371 करोड़ रुपये है.
पेयजल संकट दूर करने के लिए जलबोर्ड को 9000 करोड़ का बजट
पानी से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए गुप्ता ने कहा कि पानी की नई पाइपलाइन परियोजनाएं चल रही हैं, और पानी तथा सीवेज प्रबंधन के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी निवासी को पानी के लिए परेशान होने या पानी के टैंकर के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं है, क्योंकि चंद्रावल जल उपचार संयंत्र (water treatment plant) के लिए 475 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. शहर की सरकार कर्मचारियों के लिए एक एकीकृत सचिवालय और आवासीय परिसर भी बनाएगी.