दिल्ली में स्वाइन फ्लू का अलर्ट! 1777 पार पहुंचे H1N1 केस, सुअर फार्म में सैंपलिंग शुरू
दिल्ली में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामले 1,777 के पार पहुंच गए हैं, जिसके बाद सरकार ने मास्क, स्वच्छता और समय पर जांच की सलाह दी है. वहीं असम समेत कई राज्यों में स्वाइन फीवर रोकने के लिए सुअर फार्मों पर सैंपलिंग और कड़ी निगरानी शुरू हो गई है.
राष्ट्रीय राजधानी में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के तेजी से बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. इस साल दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के 2,300 से अधिक और एच1एन1 के 1,777 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं. बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों के लिए नई स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है. वहीं दूसरी ओर, असम और दिल्ली समेत कई राज्यों में अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) की रोकथाम के लिए सुअर फार्मों पर सैंपलिंग, रैंडम टेस्टिंग और जैव सुरक्षा उपायों को भी सख्त किया गया है.
H1N1 के मामले लगातार बढ़े, अस्पतालों को किया गया अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के 2,300 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 से ज्यादा मरीज एच1एन1 से संक्रमित पाए गए हैं. केवल एक दिन में 114 नए H1N1 मामलों की पुष्टि हुई, जिसके बाद अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड, आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके. स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमण की निगरानी कर रहा है और नागरिकों से लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील कर रहा है.
ये हैं स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण और सबसे ज्यादा जोखिम वाले लोग
विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 संक्रमण के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं. कई मरीजों में सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग इस संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं. ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने और डॉक्टर की सलाह के बिना स्वयं दवा न लेने की सलाह दी गई है.
बचाव के लिए मास्क, हाथों की सफाई और भीड़ से दूरी जरूरी
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी में लोगों से श्वसन संबंधी स्वच्छता अपनाने की अपील की है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने तथा साबुन से नियमित रूप से हाथ धोने की सलाह दी गई है. इसके अलावा आंख, नाक और मुंह को बिना हाथ धोए बार-बार छूने से बचने की भी हिदायत दी गई है. यदि किसी व्यक्ति में बुखार और खांसी जैसे लक्षण हों तो उसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए.
ASF को लेकर सुअर फार्मों पर बढ़ी निगरानी, सैंपलिंग तेज
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी मानवों में फैलने वाले एच1एन1 स्वाइन फ्लू से जुड़ी है, जबकि अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) सूअरों में फैलने वाली अलग वायरल बीमारी है. असम और दिल्ली समेत कई राज्यों में पशुपालन विभाग ने ASF की रोकथाम के लिए सुअर फार्मों पर निगरानी बढ़ा दी है. संवेदनशील क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में सूअरों के रैंडम सैंपल लिए जा रहे हैं तथा संक्रमण की जांच लगातार जारी है. प्रशासन ने सूअरों के परिवहन पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करते हुए अवैध आवाजाही पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही फार्मों की नियमित सैनिटाइजेशन, स्वच्छता और जैव सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य किया जा रहा है ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके.