प्याज किसानों के लिए पीएम किसान योजना में होंगे बदलाव? संगठन की मांग पर मंथन शुरू

PM Kisan Samman Nidhi Rules: किसान संघ ने कहा है कि असली किसानों को गलत तरीके से योजना से बाहर रखा जा रहा है. संघ ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत पात्रता नियमों में बदलाव नहीं किया और किसानों को रुकी हुई किस्तें जारी नहीं की तो राज्यस्तरी आंदोलन किया जाएगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 6 Jul, 2026 | 12:45 PM

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि में बड़े बदलाव की मांग की जा रही है. अब राज्य सरकार की ओर से किसानों को भरोसा दिया गया है कि वह इस पर केंद्र सरकार के साथ मंथन करेगी. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने राज्य और केंद्र सरकार से कहा है कि 2019 के बाद खेत मालिक बने किसानों को भी योजना का हिस्सा बनाया जाए. इसके साथ ही राज्य सरकार की कृषि योजनाओं में भी नियमों में ढील देने की मांग की गई है. किसान संघ ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है.

महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार से पीएम किसान सम्मान निधि और नमो शेतकरी योजनाओं का दायरा बढ़ाने की अपील की है. ताकि उन पात्र किसानों को भी इसमें शामिल किया जा सके, जिन्होंने 2019 की तय समयसीमा के बाद खरीद या विरासत के जरिए खेती की जमीन हासिल की है. किसान संघ ने कहा कि जब से योजना शुरू की गई है, पात्रता नियमों में ढील नहीं दी गई है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में किसान दोनों योजनाओं के लाभ से वंचित हैं.

इस नियम में ढील देने की मांग कर रहे किसान

किसान संघ ने एक बयान में मांग करते हुए कहा कि 2019 के बाद खरीद, विरासत या पारिवारिक बंटवारे के जरिए जमीन हासिल करने वाले सभी पात्र किसानों को केंद्र सरकार की योजना ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (पीएम किसान) और राज्य सरकार की योजना ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि’ के दायरे में लाया जाए. इसमें पात्र लाभार्थियों को सभी बकाया किस्तों का भुगतान करने, मुख्य पात्रता मानदंड के तौर पर ‘असली खेती करने वाले’ को अपनाने और छूट गए किसानों की पहचान करने के लिए एक विशेष पंजीकरण और सत्यापन अभियान चलाने की भी मांग की गई.

रुकी हुई किस्तें भी जारी करने की मांग पर अड़े किसान

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने कहा है कि खेती का पूरा खर्च उठाने वाले असली किसानों को गलत तरीके से बाहर रखा जा रहा है. संघ ने कहा कि वह केंद्र, राज्य सरकार और संबंधित विभागों को अपनी मांगें औपचारिक रूप से सौंपेगा. संघ ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारियों ने तुरंत पात्रता नियमों में बदलाव नहीं किया और इन किसानों को रुकी हुई सभी आर्थिक सहायता जारी नहीं की और अगर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा. संघ के संस्थापक भरत दिघोले ने बयान जारी कर कहा कि दोनों योजनाओं में पात्रता के नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए, ताकि हर असली किसान को दोनों योजनाओं का लाभ मिल सके और पात्र किसानों को रुकी हुई सभी किस्तें भी जारी की जानी चाहिए.

राज्य सरकार का केंद्र के साथ पत्राचार

किसानों की कर्जमाफी की शर्तों और प्याज खरीद को लेकर पहले से घिरी महाराष्ट्र सरकार अब किसान संघ की मांग के बाद अलर्ट हो गई है और सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि राज्य सरकार किसानों की मांग पर विचार कर रही है. चूंकि पीएम किसान योजना केंद्र से संचालित होती है तो इसमें बदलाव भी केंद्र स्तर से होगा, इसलिए महाराष्ट्र सरकार केंद्र के साथ पत्राचार कर रही है. हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है.

12 हजार रुपये पाने का मामला

केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये देती है. इसी की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार राज्य के किसानों को नमो शेतकरी योजना के तहत अलग से 6,000 रुपये देती है. इस तरह से किसानों को हर साल कुल 12,000 मिलते हैं. हाल ही में खरीफ बुवाई के मौसम से पहले पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त राज्य के लगभग 90.85 लाख किसानों के बैंक खातों में भेजी गई है.

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Published: 6 Jul, 2026 | 12:01 PM

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