UP Government Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक अहम पहल की गई है. सरकार के अनुसार, नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है. इस योजना के माध्यम से अधिक दूध उत्पादन करने वाले पात्र गोपालकों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र पशुपालक 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं.
अधिक दूध देने वाली गायों पर मिलेगा हजारों का पुरस्कार
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य बेहतर नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देना और दूध उत्पादन में वृद्धि करना है. योजना के तहत स्वदेशी नस्ल, साहिवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा और गंगातिरी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है. यदि पात्र गाय प्रतिदिन 8 किलोग्राम से अधिक दूध देती है, तो प्रति गाय 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. वहीं, यदि गाय का दूध उत्पादन 12 किलोग्राम से अधिक है, तो 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा. एक पशुपालक को अधिकतम दो गायों के लिए यह पुरस्कार केवल एक बार दिया जाएगा. चयनित लाभार्थियों के बैंक खाते में राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी.
आवेदन के लिए जरूरी नियम और पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होगा. आवेदन करने वाली गाय प्रथम, द्वितीय या तृतीय ब्यात की होनी चाहिए और उसका ब्यात 45 दिनों के भीतर का होना जरूरी है. इसके अलावा गाय का सक्रिय बीमा होना अनिवार्य है. यदि किसी पशुपालक ने अपने जीवनकाल में पहले इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है, तो वह दोबारा इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा. दूध उत्पादन का सत्यापन पशुधन प्रसार अधिकारी और ग्राम पंचायत या ग्राम विकास अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर किया जाएगा.
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, आवेदन केवल नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. इच्छुक पशुपालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन पूरा करना होगा. आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे. इनमें स्वप्रमाणित आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, गाय के सक्रिय बीमा का विवरण, तथा गोपालक और गाय का एक स्पष्ट फोटो, जिसमें गाय का ईयर टैग साफ दिखाई दे, शामिल है.
समय रहते आवेदन कर उठाएं योजना का लाभ
सरकार ने पात्र पशुपालकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि 10 जुलाई से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें. योजना का उद्देश्य बेहतर नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देना, दूध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है. सरकार का मानना है कि इस पहल से अधिक से अधिक पशुपालक उन्नत पशुपालन को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. साथ ही गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में मजबूत करने में मदद मिलेगी.