दिल्ली में LPG के बदले नियम: अब गोदाम से सिलेंडर बिक्री पूरी तरह बंद, लेकिन प्रवासी मजदूरों को मिलेगी राहत

Delhi LPG crisis: मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि बुकिंग के बाद तय समय के अंदर सिलेंडर पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से यह भी अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ न लगाएं, क्योंकि इससे व्यवस्था और बिगड़ सकती है.

नई दिल्ली | Updated On: 6 Apr, 2026 | 09:21 AM

Delhi LPG crisis: दिल्ली में रसोई गैस को लेकर बढ़ती परेशानी और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब शहर में किसी भी गोदाम या स्टोरेज पॉइंट से सीधे एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा. सरकार ने इस व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस कदम का मकसद साफ है लोगों को समय पर गैस मिले, भीड़भाड़ कम हो और कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला दिल्ली के लाखों उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए किया गया है. पिछले कुछ दिनों से गैस की किल्लत और अनियमित सप्लाई की खबरें सामने आ रही थीं, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.

अब सिर्फ एजेंसी के जरिए ही मिलेगा सिलेंडर

सरकार ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी स्थिति में गोदाम से सीधे सिलेंडर बेचना गैरकानूनी माना जाएगा. यानी अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के जरिए ही सिलेंडर मिलेगा, वह भी बुकिंग के बाद घर तक डिलीवरी के रूप में.

मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि बुकिंग के बाद तय समय के अंदर सिलेंडर पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से यह भी अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ न लगाएं, क्योंकि इससे व्यवस्था और बिगड़ सकती है.

रिकॉर्ड बुकिंग और तेज डिलीवरी का दावा

ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में एक दिन में 1.14 लाख से ज्यादा गैस बुकिंग दर्ज की गईं और 1.31 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की डिलीवरी की गई. इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार सप्लाई को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है.

इस समय घरेलू गैस की औसत डिलीवरी करीब 4.24 दिन में हो रही है, जो सामान्य स्थिति की ओर इशारा करती है. सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में इस समय को और कम करने की कोशिश की जाएगी.

प्रवासी मजदूरों के लिए खास राहत

सरकार ने उन लोगों का भी ध्यान रखा है जिनके पास स्थायी पता नहीं है, जैसे प्रवासी मजदूर. उनके लिए 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ा दी गई है. अब इन छोटे सिलेंडरों को खरीदने के लिए पते के प्रमाण की जरूरत नहीं होगी, केवल पहचान पत्र दिखाना काफी होगा. इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो किराए पर रहते हैं या अस्थायी रूप से शहर में काम कर रहे हैं.

हेल्प डेस्क और सहायता व्यवस्था मजबूत

लोगों की मदद के लिए सरकार ने खास इंतजाम भी किए हैं. HPCL के चुनिंदा आउटलेट्स पर 11 हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां से उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस वितरक की जानकारी ले सकते हैं.

इसके अलावा किसी भी तरह की शिकायत या परेशानी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. लोग 011-23379836 और 8383824659 पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं.

जमाखोरों और कालाबाजारियों पर सख्त कार्रवाई

सरकार इस बार कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ बिल्कुल सख्त नजर आ रही है. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और दिल्ली पुलिस मिलकर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. अब तक 76 गैस एजेंसियों और 17 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है.

सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. चाहे एजेंसी हो या कोई अन्य व्यक्ति, अगर कालाबाजारी या जमाखोरी करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

क्यों जरूरी था यह फैसला

दरअसल, गोदाम से सीधे सिलेंडर लेने के कारण कई जगहों पर भीड़ लग रही थी और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग ज्यादा कीमत पर सिलेंडर बेच रहे थे. इससे आम उपभोक्ता परेशान हो रहे थे और सप्लाई सिस्टम भी प्रभावित हो रहा था. नई व्यवस्था से उम्मीद है कि गैस की सप्लाई अधिक व्यवस्थित होगी और हर जरूरतमंद तक समय पर सिलेंडर पहुंचेगा.

Published: 6 Apr, 2026 | 09:11 AM

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