EU ने खोला बड़ा बाजार! भारत की 21 नई समुद्री यूनिट को मछली और झींगा निर्यात की मंजूरी मिली

भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों को यूरोप से बड़ी सफलता मिली है. EU ने 21 नई मत्स्य पालन और प्रसंस्करण इकाइयों को निर्यात की मंजूरी दी है. अब कुल 625 भारतीय इकाइयां यूरोपीय बाजार में कारोबार करेंगी, जिससे झींगा और सीफूड निर्यात को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

नोएडा | Updated On: 17 Aug, 2026 | 05:47 PM

Indian Seafood Export: भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों के लिए यूरोप से बड़ी खुशखबरी आई है. यूरोपीय संघ (EU) ने भारत की 21 नई मत्स्य पालन और समुद्री प्रसंस्करण इकाइयों को मछली, झींगा आदि निर्यात करने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले के साथ EU से मान्यता प्राप्त भारतीय निर्यात इकाइयों की संख्या बढ़कर 625 हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंजूरी सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि लाखों मछुआरों, प्रोसेसिंग उद्योग और तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर लेकर आई है. आने वाले वर्षों में यूरोप को होने वाला समुद्री उत्पादों का निर्यात दोगुना होने की संभावना भी जताई जा रही है.

21 नई यूनिट को मंजूरी, 625 तक पहुंची कुल संख्या

यूरोपीय संघ की नई स्वीकृति के बाद भारत की 21 अतिरिक्त इकाइयां अब झींगा, मछली, कौड़ी  और अन्य समुद्री खाद्य उत्पाद यूरोप भेज सकेंगी. बीते एक वर्ष में कुल 123 नई भारतीय इकाइयों को EU बाजार में प्रवेश मिला है. इससे भारत की निर्यात क्षमता लगातार मजबूत हो रही है. सबसे अधिक मान्यता प्राप्त इकाइयां आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे तटीय राज्यों में स्थित हैं, जहां समुद्री मत्स्य उद्योग लाखों लोगों की आजीविका का आधार है.

क्यों है EU भारत के लिए इतना अहम बाजार?

चीन के बाद यूरोपीय संघ भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा समुद्री उत्पाद बाजार है. भारत के कुल समुद्री खाद्य निर्यात  में EU की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है. बेल्जियम, स्पेन और इटली भारतीय झींगा तथा अन्य समुद्री उत्पादों के सबसे बड़े खरीदार हैं. नई मंजूरी मिलने से भारतीय निर्यातकों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अधिक उत्पाद यूरोप भेजने का अवसर मिलेगा, जिससे विदेशी मुद्रा आय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगी.

नए बाजारों से बढ़ रही निर्यात की रफ्तार

विशेषज्ञों के अनुसार, फिश मील और समुद्री तेल जैसे उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से भारतीय निर्यात को नई गति मिली है. अमेरिका पर निर्भरता घटाकर भारत अब यूरोप, वियतनाम, चीन, रूस, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और थाईलैंड जैसे बाजारों पर फोकस कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि गैर-अमेरिकी बाजार अब समुद्री निर्यात  की नई विकास शक्ति बनकर उभर रहे हैं.

रिकॉर्ड निर्यात और भविष्य की बड़ी संभावना

वित्तीय वर्ष 2026 में भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात 14 प्रतिशत बढ़कर 8.43 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से जुलाई के बीच निर्यात 11 प्रतिशत बढ़कर 2.88 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया. विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्तमान में लगभग 1 बिलियन डॉलर के EU निर्यात को अगले कुछ वर्षों में दोगुना किया जा सकता है. प्रस्तावित व्यापार समझौतों से नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसे नए यूरोपीय बाजारों  में भी भारतीय समुद्री उत्पादों की पहुंच और मजबूत होने की उम्मीद है.

Published: 17 Aug, 2026 | 06:46 PM

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