किसान ध्यान दें: फरवरी में इस सब्जी की खेती से बन सकता है शानदार मुनाफा, 35 दिन में होगी तुड़ाई
फरवरी में तापमान बढ़ने के साथ-साथ बीजों का अंकुरण तेजी से होता है. लोबिया एक ऐसी सब्जी है, जो कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. खासकर गर्मी के मौसम की शुरुआत में हरी और ताजी लोबिया की कीमतें अच्छी मिलती हैं.
Farming Tips: फरवरी का महीना किसानों के लिए बेहद खास माना जाता है. ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है, दिन का तापमान बढ़ने लगता है और यही समय सब्जियों की खेती के लिए सबसे मुफीद होता है. ऐसे में अगर किसान सही फसल और सही समय का चुनाव कर लें, तो कम लागत में अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं. आज हम आपको एक ऐसी सब्जी की खेती के बारे में बता रहे हैं, जिसे अगर फरवरी में समय रहते लगा दिया जाए, तो महज 30 से 35 दिनों में इसकी तुड़ाई शुरू हो जाती है और मंडी में इसके भाव 80 रुपये किलो से लेकर 100 रुपये किलो तक मिल सकते हैं. यह सब्जी है लोबिया, जिसे कई इलाकों में बरबटी के नाम से भी जाना जाता है.
फरवरी में लोबिया क्यों है फायदे का सौदा
फरवरी में तापमान बढ़ने के साथ-साथ बीजों का अंकुरण तेजी से होता है. लोबिया एक ऐसी सब्जी है, जो कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. खासकर गर्मी के मौसम की शुरुआत में हरी और ताजी लोबिया की कीमतें अच्छी मिलती हैं. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान 20 फरवरी से पहले इसकी बुवाई कर देते हैं, तो शुरुआती दिनों में इसका भाव 80 रुपये किलो तक आसानी से मिल सकता है. इसके बाद भी अगर फसल थोड़ी देर से आती है, तब भी 40 से 50 रुपये किलो तक का दाम मिलने की संभावना रहती है.
लोबिया की खेती का सही समय और तैयारी
लोबिया की खेती फरवरी और मार्च दोनों महीनों में की जा सकती है, लेकिन अधिक मुनाफे के लिए फरवरी का पहला पखवाड़ा सबसे बेहतर माना जाता है. बुवाई से पहले खेत की अच्छी तैयारी जरूरी है. इसके लिए खेत की दो से तीन बार जुताई करें, ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए. इसके बाद 2 से 3 ट्रॉली अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद खेत में मिला दें. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और पौधों की बढ़वार अच्छी होगी.
रासायनिक खाद की बात करें तो संतुलित मात्रा में यूरिया, डीएपी और एमओपी का प्रयोग करें. इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और उत्पादन बेहतर होता है.
बुवाई का तरीका और दूरी
लोबिया की खेती लाइन में करना सबसे अच्छा रहता है. इससे खेत में निराई-गुड़ाई और तुड़ाई दोनों काम आसान हो जाते हैं. दो लाइनों के बीच 45 से 60 सेंटीमीटर की दूरी रखें और दो पौधों के बीच 15 से 20 सेंटीमीटर का फासला होना चाहिए. एक एकड़ खेत के लिए लगभग 4 से 5 किलो बीज पर्याप्त होता है. ध्यान रखें कि बीज अच्छी गुणवत्ता का हो, ताकि अंकुरण अच्छा मिले.
लोबिया की खेती के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है. यही कारण है कि फरवरी का समय इसके लिए आदर्श है.
लोबिया की उन्नत किस्में
अच्छी पैदावार के लिए सही किस्म का चुनाव बेहद जरूरी है. लोबिया की खेती करते समय अपने क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु को ध्यान में रखें. बाजार में कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं, जैसे वीएनआर की काशी निधि, नामधारी की किस्में और अंकुर की केतिकी जैसी वैरायटी. ये किस्में जल्दी तैयार होती हैं और उत्पादन भी अच्छा देती हैं. किसान अपने नजदीकी बीज भंडार या कृषि विशेषज्ञ की सलाह से भी उपयुक्त बीज का चयन कर सकते हैं.
लोबिया से कितना उत्पादन और मुनाफा
अगर किसान सही तरीके से खेती करें, संतुलित खाद का प्रयोग करें और अच्छी किस्म का बीज लगाएं, तो एक एकड़ खेत से 50 से 70 क्विंटल तक लोबिया का उत्पादन लिया जा सकता है. फरवरी में लगाई गई फसल से किसानों को अन्य मौसमों की तुलना में 3 से 4 गुना तक अधिक मुनाफा हो सकता है. कम समय में तैयार होने वाली यह फसल नकदी जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित होती है.
हालांकि कृषि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसानों को केवल एक ही सब्जी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. बेहतर होगा कि खेत में तीन से चार प्रकार की सब्जियों की खेती की जाए, ताकि जोखिम कम हो और आमदनी लगातार बनी रहे.
अगर आप फरवरी में खेती की योजना बना रहे हैं, तो लोबिया आपके लिए मुनाफे का शानदार विकल्प साबित हो सकती है.