Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में खाद की कोई किल्लत नहीं है. किसानों को समय पर प्रयाप्त मात्रा में खाद मिलेगी. खास बात यह है कि सरकारी से लेकर प्राइवेट और सहकारी स्टॉक भी खाद से भरे हुए हैं, जिसमें लाखों मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और एनपीके शामिल हैं. वहीं, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही का कहना है कि उनकी सरकार रबी सीजन 2025-26 में किसानों को पर्याप्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस पर भारत सरकार से लगातार संपर्क में है.
कृषि मंत्री ने कहा कि जिन उर्वरक कंपनियों ने जनवरी 2026 के लिए तय मात्रा के अनुसार पूरी आपूर्ति नहीं की है, उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की जाए. उनके मुताबिक, प्रदेश में रोजाना औसतन 12-13 यूरिया रैक आ रहे हैं, जिससे आपूर्ति मजबूत बनी हुई है. 01 अक्टूबर 2025 से अब तक लगभग 1.02 करोड़ किसानों ने POS मशीनों से 50.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक पारदर्शी तरीके से प्राप्त किया है.
2,528 मीट्रिक टन डीएपी खरीद रहे हैं, जिससे आपूर्ति लगातार मजबूत बनी हुई है
उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरक की स्थिति बहुत अच्छी है. कुल 7.23 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.35 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.69 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध हैं. सहकारी क्षेत्र में 2.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 1.79 लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है, जबकि निजी बिक्री केंद्रों पर 5.16 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 2.56 लाख मीट्रिक टन डीएपी किसानों के लिए तैयार है. हर दिन किसान औसतन 33,800 मीट्रिक टन यूरिया और 2,528 मीट्रिक टन डीएपी खरीद रहे हैं, जिससे आपूर्ति लगातार मजबूत बनी हुई है.
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पर्याप्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
दरअसल, उत्तर प्रदेश के कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में विधानसभा में समिति कक्ष संख्या-80 में उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति पर समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, सरकारी अधिकारी और इफको, कृभको, चम्बल, एनएफएल जैसी उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. सरकार ने कहा कि रबी सीजन 2025-26 में किसानों को पर्याप्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस पर भारत सरकार से लगातार संपर्क में है.
कानपुर मण्डल में 42,632 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक
वहीं, मण्डलवार समीक्षा में पता चला कि बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में यूरिया और डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. उदाहरण के लिए, बरेली मण्डल में 66,377 मीट्रिक टन यूरिया और कानपुर मण्डल में 42,632 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है. सरकार ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में किसानों की जरूरत के अनुसार उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और वितरण को आसान बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. बैठक में कृषि के मुख्य सचिव रविंद्र, सहकारिता के प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह और निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.