किसानों के लिए खुशखबरी, हॉर्मुज से 15 जहाज रवाना, 7 लाख टन से ज्यादा खाद भारत पहुंचने की राह पर
Kharif Crop Sowing: खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए अच्छी खबर है. 7 लाख टन से ज्यादा यूरिया, डीएपी और अन्य खाद से भरे 15 जहाज भारत आने वाले हैं, जिससे खाद की सप्लाई और मजबूत होगी. सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को किसी तरह की कमी नहीं होगी.
Fertilizer Supply India: देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से चल रही है. ऐसे समय में किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है. आने वाले दिनों में भारत को 7 लाख टन से ज्यादा तैयार खाद और खाद बनाने के कच्चे माल की बड़ी खेप मिलने वाली है. इससे खेती के सबसे व्यस्त समय में खाद की उपलब्धता और मजबूत होगी तथा किसानों को समय पर उर्वरक मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, कुल 15 जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं.
15 जहाजों में क्या-क्या आ रहा है?
भारत आने वाले इन 15 जहाजों में अलग-अलग तरह की खाद और उसके कच्चे माल की बड़ी मात्रा मौजूद है.
इन 15 जहाजों में:
- 8 जहाजों पर करीब 3.32 लाख टन यूरिया लदा है.
- 4 जहाजों में लगभग 2.57 लाख टन डीएपी (DAP) है.
- बाकी 3 जहाजों पर करीब 1.11 लाख टन सल्फर है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अभी भी 5 जहाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. इनमें अमोनिया, यूरिया और सल्फर जैसी जरूरी सामग्री होगी, जिससे देश के खाद भंडार को और मजबूती मिलेगी.
हॉर्मुज खुलने से फिर पटरी पर लौटी सप्लाई
पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित रहा था. इसका असर एलएनजी (LNG) और खाद जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति पर भी पड़ा था. हालांकि, 22 जून 2026 के आसपास इस समुद्री मार्ग के दोबारा खुलने के बाद स्थिति में तेजी से सुधार आया है. अब तक करीब 1.8 लाख टन खाद लेकर चार जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जबकि नई खेप भी रास्ते में है. पश्चिम एशिया संकट के कारण कतर से आने वाली एलएनजी सप्लाई भी प्रभावित हुई थी. इसी गैस का इस्तेमाल देश में यूरिया बनाने के लिए किया जाता है.
15 जहाज़ों ने सुरक्षित पार किया हॉर्मुज़, भारत में बढ़ेगा उर्वरकों का भंडार
पीएम मोदी के नेतृत्व ने किसानों को खाद संकट से बचाया- श्री जेपी नड्डा@narendramodi @PMOIndia @JPNadda @OfficeofJPNadda @AnupriyaSPatel @PIB_India @MIB_India https://t.co/aeE4TdTnD0
— Department of Fertilizers (@BharatUrvarak) July 5, 2026
खरीफ में खाद की नहीं होगी कमी
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि, मौजूदा खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. सरकार ने समय रहते आयात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन में तेजी लाने के कदम उठाए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश में करीब 163.3 लाख टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है. वहीं किसानों ने खरीफ सीजन के लिए अब तक 160 लाख टन से ज्यादा खाद की खरीद कर ली है. इससे साफ है कि फिलहाल देश में खाद की उपलब्धता संतोषजनक बनी हुई है.
अब कई नए देशों से मंगाई जा रही है खाद
खाद की सप्लाई किसी एक या दो देशों पर निर्भर न रहे, इसके लिए भारत ने आयात के स्रोत भी बढ़ा दिए हैं. अब भारत ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की और नीदरलैंड जैसे देशों से यूरिया खरीद रहा है.
इसके अलावा डीएपी और एनपीके (NPK) जैसे उर्वरकों की खरीद रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब से की जा रही है. इससे भविष्य में सप्लाई बाधित होने का खतरा भी कम होगा.
यूरिया सस्ता होने से सरकार को भी मिल सकती है राहत
पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. इसका फायदा सरकार को भी मिल सकता है. हाल ही में नेशनल फर्टिलाइजर्स को यूरिया आयात के लिए 444.9 से 449.3 डॉलर प्रति टन की दर से बोलियां मिली हैं. यह पिछली खरीद में मिली 935 से 959 डॉलर प्रति टन की कीमतों के मुकाबले लगभग आधी है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही रुझान बना रहता है, तो सरकार का खाद सब्सिडी पर खर्च भी कम हो सकता है.
किसानों के लिए क्या है इसका मतलब?
बड़ी मात्रा में खाद की नई खेप, पर्याप्त सरकारी स्टॉक और सस्ते आयात के चलते किसानों को फिलहाल खाद की कमी की चिंता करने की जरूरत नहीं दिख रही है. इससे धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और खेती का काम बिना किसी बड़ी रुकावट के जारी रह सकेगा.