सिर्फ एक डाल और थोड़ी देखभाल, ऐसे तैयार होता है कटिंग से अंजीर का नया पौधा

अंजीर की कटिंग लगाने के लिए सर्दी का अंत और वसंत की शुरुआत सबसे अच्छा समय मानी जाती है. इस दौरान पौधा सुप्त अवस्था से बाहर आने लगता है और नई जड़ों के बनने की संभावना ज्यादा रहती है. बहुत ज्यादा ठंड या तेज गर्मी में कटिंग लगाने से सफलता कम हो जाती है.

नई दिल्ली | Updated On: 23 Jan, 2026 | 01:04 PM

Fig propagation guide: अगर आपके बगीचे या आसपास कहीं अंजीर का पेड़ है, तो आपने जरूर सोचा होगा कि काश ऐसा ही एक और पौधा अपने घर में भी लगाया जा सके. अच्छी बात यह है कि अंजीर उन फलों में से एक है, जिसे उगाने के लिए बीज या नर्सरी से महंगे पौधे लाने की जरूरत नहीं होती. सिर्फ एक सही कटिंग से आप नया अंजीर का पौधा तैयार कर सकते हैं. यह तरीका न सिर्फ आसान है, बल्कि बेहद सस्ता और भरोसेमंद भी है. थोड़ी-सी समझदारी और धैर्य के साथ आप अपने बगीचे को खुद ही नया जीवन दे सकते हैं.

अंजीर का पौधा क्यों है खास

अंजीर का पेड़ सदियों से इंसानों के साथ जुड़ा हुआ है. यह न सिर्फ स्वादिष्ट फल देता है, बल्कि देखभाल में भी ज्यादा नखरे नहीं करता. सही हालात मिलने पर अंजीर का पौधा सालों तक फल देता रहता है. खास बात यह है कि यह गर्म इलाकों के साथ-साथ हल्की ठंड सहने वाली किस्मों में भी आसानी से उगाया जा सकता है. यही वजह है कि आज अंजीर घरों के बगीचों और गमलों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

अंजीर की कटिंग से पौधा उगाने का सही समय

अंजीर की कटिंग लगाने के लिए सर्दी का अंत और वसंत की शुरुआत सबसे अच्छा समय मानी जाती है. इस दौरान पौधा सुप्त अवस्था से बाहर आने लगता है और नई जड़ों के बनने की संभावना ज्यादा रहती है. बहुत ज्यादा ठंड या तेज गर्मी में कटिंग लगाने से सफलता कम हो जाती है.

जमीन में दबाकर नया पौधा तैयार करने का तरीका

अगर आपके पास पहले से अंजीर का पेड़ है और मौसम ज्यादा ठंडा नहीं रहता, तो जमीन में झुका कर नई जड़ें बनवाना सबसे आसान तरीका है. इसके लिए पेड़ की एक नीचे की ओर झुकी हुई, लचीली डाल चुननी होती है. इस डाल का एक हिस्सा मिट्टी में हल्का-सा दबा दिया जाता है और सिरा बाहर रखा जाता है. कुछ महीनों में मिट्टी के अंदर दबा हिस्सा अपनी जड़ें बना लेता है. जब जड़ें मजबूत हो जाएं, तब उसे मुख्य पेड़ से अलग करके नई जगह पर लगाया जा सकता है.

बाहर खुले में कटिंग से अंजीर उगाना

ज्यादातर लोग अंजीर की खेती इसी तरीके से करते हैं. इसके लिए दो से तीन साल पुरानी, पेंसिल जितनी मोटी और स्वस्थ टहनी ली जाती है. इस टहनी को करीब एक फुट लंबा काटा जाता है. नीचे वाला हिस्सा सीधा और ऊपर वाला तिरछा काटना अच्छा रहता है, ताकि दिशा में भ्रम न हो. इस कटिंग को हल्की नम मिट्टी में गाड़ दिया जाता है. ध्यान रखा जाता है कि मिट्टी ज्यादा गीली न हो, वरना टहनी सड़ सकती है. कुछ ही हफ्तों में इसमें नई कोपलें दिखने लगती हैं, जो इस बात का संकेत होती हैं कि जड़ें बन चुकी हैं.

घर के अंदर गमले में कटिंग तैयार करने का तरीका

ठंडे इलाकों या शौकिया बागवानी करने वालों के लिए यह तरीका काफी उपयोगी है. इसमें कटिंग को गमले में लगाया जाता है और ऊपर से पारदर्शी बोतल या प्लास्टिक कवर लगाकर नमी बनाए रखी जाती है. यह एक छोटे ग्रीनहाउस जैसा माहौल बना देता है. गमले को ऐसी जगह रखा जाता है जहां रोशनी भरपूर हो लेकिन सीधी तेज धूप न पड़े. जैसे ही नई पत्तियां निकलने लगें, धीरे-धीरे कवर हटाया जा सकता है.

नई पौध की देखभाल क्यों है जरूरी

कटिंग से उगा पौधा शुरुआत में थोड़ा नाजुक होता है. पहले कुछ महीनों तक मिट्टी को सूखने नहीं देना चाहिए, लेकिन पानी भरने से भी बचना जरूरी है. हल्की धूप, नियमित नमी और थोड़ा-सा धैर्य इस पौधे को मजबूत बना देता है. एक बार जड़ें जम जाने के बाद अंजीर का पौधा खुद ही तेजी से बढ़ने लगता है.

कम खर्च में ज्यादा फायदा

कटिंग से अंजीर उगाना उन लोगों के लिए बेहतरीन तरीका है, जो बिना ज्यादा खर्च किए बागवानी का आनंद लेना चाहते हैं. इससे न सिर्फ आपको मुफ्त में नया पौधा मिलता है, बल्कि अपने हाथों से उगाया हुआ पेड़ देखने का सुकून भी मिलता है. थोड़ी-सी मेहनत से आप अपने घर या खेत में सालों तक फल देने वाला अंजीर का पेड़ तैयार कर सकते हैं.

Published: 23 Jan, 2026 | 04:00 PM

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