चिराग योजना के बदले नियम, प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए अब 8 लाख नहीं इतनी होनी चाहिए इनकम
हरियाणा सरकार ने CHEERAG योजना में आय सीमा 1.80 लाख रुपये तक सीमित कर दी है. योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को निजी स्कूल में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट अनिवार्य हैं. प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी होगी.
Haryana News: हरियाणा सरकार ने 2026- 27 शैक्षणिक सत्र के लिए चिराग योजना में आय सीमा बढ़ाने का अपना पहले का फैसला वापस ले लिया है. अब केवल वे परिवार ही योजना का लाभ ले सकेंगे जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये तक है. पहले सरकार ने इसे 8 लाख रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अब यह रद्द कर दिया गया है.
पंचकुला स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि अब चिराग योजना का लाभ केवल उन छात्रों को मिलेगा जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, और जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है. इसके लिए परिवार की आय का सत्यापन परिवार पहचान पत्र (PPP) के आधार पर किया जाएगा. CHEERAG योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है.
छात्रों के पास वैध परिवार पहचान पत्र नंबर होना अनिवार्य
निदेशालय ने आगे कहा है कि CHEERAG योजना के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के पास वैध परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर होना अनिवार्य होगा और केवल वही परिवार लाभ के लिए योग्य होंगे जो संशोधित आय सीमा को पूरा करते हैं. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र में प्रवेश पूरी तरह इन नियमों के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही हरियाणा के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे नई पात्रता शर्तों के अनुसार CHEERAG योजना के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू करें.
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स्कूलों में कुल 47,255 सीटें निर्धारित हैं
शिक्षा विभाग ने चिराग योजना के तहत नए शैक्षणिक सत्र के लिए 1,108 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कुल 47,255 सीटें निर्धारित की हैं. इनमें कक्षा 6 के लिए 7,340, 7वीं के लिए 7,146, 8वीं के लिए 7,186, 9वीं के लिए 7,168, 10वीं के लिए 6,863, 11वीं के लिए 5,829 और 12वीं के लिए 5,723 सीटें शामिल हैं. दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा. मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए नियमों के अनुसार केवल पात्र बच्चों को ही योजना का लाभ दिलाया जाए.
केवल ऐसे छात्रों को मिलेगा लाभ
चिराग योजना के तहत केवल वही छात्र निजी स्कूल में दाखिले के पात्र होंगे, जिन्होंने वार्षिक परीक्षा सरकारी स्कूल से उत्तीर्ण की हो. छात्र अपने वर्तमान कक्षा के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में ही दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए पिछले सरकारी स्कूल से स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) लेना अनिवार्य है. केवल वही स्कूल, जिन्होंने फॉर्म-6 भरा है, उन्हें सरकार फीस की प्रतिपूर्ति करेगी.
1 से 5 अप्रैल के बीच ड्रॉ निकाला जाएगा
दाखिले की प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी करनी होगी. आवेदन का समय 30 मार्च को खत्म हो चुका है और 1 से 5 अप्रैल के बीच ड्रॉ निकाला जाएगा. स्कूलों को 15 अप्रैल तक सफल छात्रों की सूची अपने नोटिस बोर्ड पर चिपकानी होगी. इसके बाद बची रिक्त सीटों पर प्रतीक्षा सूची के छात्रों को 16 से 30 अप्रैल के बीच दाखिला मिलेगा.
क्या है चिराग योजना
दरअसल, हरियाणा सरकार ने साल 2022 में CHEERAG योजना शुरू की थी. इस योजना के तहत सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के सरकारी स्कूल के छात्रों को निजी स्कूल में मुफ्त शिक्षा देने की सुविधा प्रदान करती है. CHEERAG का पूरा नाम ‘Chief Minister Equal Education Relief, Assistance and Grant’ है. योजना हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 के नियम 134 A के तहत लागू की गई है.