महिलाओं को आर्थिक रूप में मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लखपति दीदी योजना चला रही है. इसके तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय मदद के जरिए स्वरोजगार स्थापित करने के साथ कृषि में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. अब तक लगभग 3 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं और अब 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का टारगेट तय किया गया है. वहीं, महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं.
ग्रामीण विकास मंत्रालय महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना का संचालन मिशन के रूप में कर रहा है. इसके तहत ड्रोन दीदी, कृषि सखी दीदी, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की समीक्षा बैठक में लखपति दीदियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
3 करोड़ लखपति दीदी बनीं, अब 6 करोड़ करने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लखपति दीदियों को ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले इसके लिए सरकार संकल्पित है. 2.90 करोड़ लखपति दीदियों की संख्या पिछले साल दिसंबर में पूरी हो गई थी और अब तक यह आंकड़ा 3 करोड़ को छू चुका है. उन्होंने कहा कि अब हमें 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य हासिल करना है. उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं.
- Agriculture Budget: कृषि योजनाओं के लिए नहीं बढ़ा बजट, खेती पर खर्च होंगे 1.62 लाख करोड़ रुपये.. पढ़ें डिटेल्स
- Budget 2026: ‘विकसित भारत’ का दावा या जनता को धोखा? बजट पेश होते ही ममता से अखिलेश तक भड़के विपक्षी नेता!
- बजट में रिफॉर्म्स पर फोकस.. ग्रामीण विकास समेत इन सेक्टर्स को बूस्ट देने की घोषणाएं, पढ़ें- कृषि मंत्री ने क्या कहा
समूहों से जुड़ी 10 करोड़ दीदियों को लाभ देने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 6 करोड़ लखपति दीदी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 10 करोड़ दीदियों को ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं से जोड़ना होगा. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) और लखपति दीदियों को योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके. लखपति दीदी बनाने के मिशन के तहत आवंटित बजट का प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जाए. जिन राज्यों का प्रदर्शन आशानुकूल नहीं है अथवा आवंटित राशि का पूर्ण व्यय नहीं हो पा रहा है, उन्हें प्रोत्साहन दिया जाए.
लखपति दीदी बनाने के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये आवंटित
महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए राशि उपलब्ध कराई जाए और महिलाओं के रोजगार स्थापित करने की दिशा में तेजी लाई जाएगी. इसके साथ ही कृषि क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराकर ड्रोन दीदी के रूप में स्थापित करना है और महिलाओं को कमर्शियल फसलों की खेती के लिए भी धन राशि उपलब्ध कराने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. ग्रामीण विकास मंत्रालय राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत बैंक लिंकेज कार्यक्रम के जरिए अब तक लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है.