गेहूं खरीद के सरकारी दावों की खुल गई पोल, मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं ‘लावारिस’ पड़ा
Wheat Purchase Haryana: कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 14 दिन बाद भी प्रदेश भर की मंडियों में 28.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं बिखरा पड़ा है, हालत ये है कि मंडी के भीतर जगह न होने से अब बाहर की सड़कों पर गेहूं के ढेर लग चुके हैं.
हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने अंबाला में कहा कि राज्य की मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं फैला हुआ है, जिसे सरकार और उसकी खरीद एजेंसियां अब तक खरीद नहीं कर सकी हैं. खरीद नहीं होने से मंडियों में जगह नहीं बची है. किसान अपनी उपज की निगरानी कब तक करे. गेहूं का दाना ट्रैक्टर ट्रॉलियों और लोगों के पैरों के नीचे कुचला जा रहा है. अगर बारिश हो गई तो यह गेहूं बर्बाद हो जाएगा और इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा. उन्होंने कहा कि हरियाणा की मंडियां किसानों के लिए ‘शोषण का केंद्र’ बन गई हैं.
अनाज मंडियां किसानों के शोषण का केंद्र बनीं- सुरजेवाला
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार अंबाला में गेहूं खरीद में देरी और गेहूं का उठान नहीं होने पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा में अनाज मंडियां किसानों के लिए “शोषण का केंद्र” बन गई हैं. अंबाला शहर की मंडी का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुरजेवाला ने मंडियों में कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि BJP सरकार किसानों के साथ “दुश्मनों” जैसा बर्ताव करती है, सरकारी खरीद महज एक “धोखाधड़ी का जाल” बनकर रह गई है और अनाज मंडियां अब किसानों के लिए “शोषण का केंद्र” बन गई हैं.
किसानों को रुला रहीं खरीद केंद्रों पर अव्यवस्थाएं
सुरजेवाला ने कहा कि ‘हरियाणा में भाजपाई ठगी’ से गेहूं किसान भयंकर मुसीबत में हैं. सर्वर डाउन चल रहा है और पोर्टल में गड़बड़ी है तो अंगूठों का मिलान नहीं हो पा रहा है. न खरीदी, न बारदाना, न उठान, न ही फसल बिक्री का भुगतान किया जा रहा है. हरियाणा की अनाज मंडियों में भाजपाई बदहाली और बदनीयती से फैले हाहाकार और किसानों-मजदूरों-आढ़तियों पर पड़ती चौतरफा मार की गवाही सड़कों पर गेहूं के रूप में बिखरी पड़ी है. पर मन से बेईमान, आख से अंधी और कान से बहरी नायब सैनी सरकार को जमीनी हालात दिखाई नहीं देते.
खरीद में बदइंतजामी और किसान को सताने का आरोप
किसानों से दुश्मनी सा सलूक करती भाजपा की सरकार में फसलों की सरकारी खरीदी महज “ठगी का जाल” बन कर रह गई हैं. हरियाणा में प्रदेश भर की मंडियों को ‘बदइंतजामी और बदनीयती’ से भाजपा सरकार ने ‘किसान सताओ, लूट मचाओ केंद्र’ बना दिया है. उन्होंने कहा कि अनाज मंडियां फुल हो गई हैं, किसानों और आढ़तियों के सब्र का बांध टूट रहा है, मगर नायब सरकार बहाने बना रही है.
28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद नहीं
रणदीप सुरजेवाला गेहूं आंकड़े जारी करते हुए बताया कि करीब 28.61 लाख मीट्रिक टन गेहूं प्रदेश की अनाज मंडियों में खरीदी के इंतजार में है. अब खरीद नहीं होने से यह गेहूं भीतर से लेकर बाहर सड़कों तक बिखरा पड़ा है. सरकार के खरीद नहीं करने से यह गेहूं लावारिस की तरह पड़ा है. उन्होंने कहा कि किसान कितने दिन तक अपने गेहूं की रखवाली मंडी में करे और अगर मौसम बिगड़ने से नुकसान हुआ तो भुगतान कौन करेगा.
14 दिन से मंडियों में लगे हैं गेहूं के ढेर
उन्होंने कहा कि 24 फसलों की कागजी MSP का झुनझुना बजाने वाली भाजपा सरकार में गेहूं की उपज सड़कों पर बिखरी पड़ी है. प्रदेश के किसानों को सर्वर की आड़ में सताने, खरीदी और पेमेंट के लिए लटकाने का खेल चल रहा है. 14 दिन बाद भी प्रदेश भर की मंडियों में 28.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं बिखरा पड़ा है, हालत ये है कि मंडी के भीतर जगह न होने से अब बाहर की सड़कों पर गेहूं के ढेर लग चुके हैं.
📍 अम्बाला, हरियाणा
‘हरियाणा में भाजपाई ठगी’ से भयंकर मुसीबत में किसान! सर्वर डाउन,पोर्टल में गड़बड़ी,अंगूठों का नहीं हो रहा है मिलान !! न खरीदी, न बारदाना, न उठान, न ही फसल बिक्री का भुगतान!! मेरा बयान👇 https://t.co/de2CEq65nO— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) April 20, 2026
जो खरीदी हुई उसका पेमेंट नहीं किया जा रहा
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि फसल खरीदी के लिए तो किसान लंबे इंतजार को मजबूर हैं ही, जो थोड़ी बहुत खरीदी हुई, अब उसके पेमेंट के लिए भी किसान हैरान-परेशान हो रहे हैं. पहले तो किसानों को खरीदी के लिए तरसाया जा रहा है, फिर पेमेंट के लिए भी रुलाया जा रहा है.
एमएसपी पर खरीद का दावा फेल
जब मुआवजे की बारी हो तो बीजेपी फसल बीमा कंपनियों के साथ किसानों को ठगती है और बची फसल के MSP पर खरीदी की बारी हो तो ‘प्राइवेट सिस्टम’ से लूटती है. मौसम की मार और मुआवजे के इंकार से जूझते किसान मंडियों में गेहूं और सरसों की फसल लेकर सही कीमत मिलने की उम्मीद लगाए आ जुड़ते हैं. उन्होंने कहा कि मगर यहां ‘भाजपाई ठगी और प्राइवेट लूट’ का मगरमच्छ किसानों की बची उम्मीदें और टूटती लागत भी निगल जाने पर तुला है. वहीं, हरियाणा के बाहर से सस्ते दामों में गेहूं लाकर यहां ऊंचे भाव पर बेचकर मुनाफा काट रहा है और प्रदेश के किसानों का हक मार रहा है.