छोटे किसानों का खेती खर्च घटाएगी सरकार, 3 एकड़ तक जमीन वालों को मिलेगा फ्री ट्रैक्टर
Negila Yogi Scheme: कर्नाटक सरकार ने तीन एकड़ तक जमीन वाले छोटे किसानों के लिए ‘नेगिला योगी’ योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत किसानों को मुफ्त ट्रैक्टर और खेती की जरूरी सेवाएं देने की तैयारी है. योजना के लिए 152 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं और शुरुआत 31 तालुकों से होगी.
Free Tractor Scheme: कर्नाटक सरकार ने छोटे और जरूरतमंद किसानों को खेती में राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की ‘नेगिला योगी’ योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत तीन एकड़ तक जमीन वाले किसानों को खेती के लिए ट्रैक्टर और दूसरी जरूरी सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराने की तैयारी है. इसका मकसद किसानों की खेती की लागत कम करना और उन्हें आधुनिक कृषि सुविधाओं से जोड़ना है. इस योजना के लिए सरकार ने 152 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है. शुरुआत में इसे 31 तालुकों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा.
निजी ट्रैक्टर मालिकों से किराए पर लिए जाएंगे ट्रैक्टर
योजना की खास बात यह है कि सरकार हर जगह नए ट्रैक्टर खरीदने के बजाय पहले से उपलब्ध ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करेगी. उप-मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के मुताबिक, कई गांवों में कुछ किसानों के पास अपने ट्रैक्टर हैं, लेकिन अपनी खेती का काम पूरा होने के बाद वे ट्रैक्टर लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं कर पाते. सरकार ऐसे ट्रैक्टर मालिकों से ट्रैक्टर किराए पर लेकर उन्हें जरूरतमंद किसानों के खेतों तक पहुंचाएगी. इससे एक तरफ छोटे किसानों को महंगी मशीनरी खरीदने की जरूरत नहीं होगी, वहीं जिन किसानों के ट्रैक्टर खाली रहते हैं, उन्हें भी इसका फायदा मिल सकेगा. जरूरत बढ़ने पर सरकार 500 से 1,000 ट्रैक्टर तक खरीदने पर भी विचार कर सकती है.
31 तालुकों में होगी योजना की शुरुआत
‘नेगिला योगी’ योजना को पहले सीमित इलाकों में लागू करके उसके नतीजे देखे जाएंगे. शुरुआती चरण में 31 तालुकों का चयन किया गया है और हर तालुके में एक प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा. कर्नाटक सरकार का मानना है कि छोटे किसानों के लिए ट्रैक्टर और दूसरी कृषि मशीनरी का खर्च काफी बड़ा होता है. ऐसे में मुफ्त सेवा मिलने से खेती पर आने वाला खर्च कम हो सकता है. इससे किसान समय पर खेत की जुताई, बुवाई और दूसरे जरूरी काम कर पाएंगे. कर्नाटक में करीब 59 लाख किसान हैं. ऐसे में योजना के सफल होने पर भविष्य में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसानों को इसका फायदा मिल सकता है.
आपदा से निपटने में AI और ड्रोन का सहारा
किसानों के साथ-साथ कर्नाटक सरकार ने आपदा प्रबंधन को आधुनिक बनाने की भी तैयारी की है. बाढ़, लैंडस्लाइड और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तेजी से जानकारी जुटाने और राहत-बचाव कार्य को बेहतर बनाने के लिए ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सैटेलाइट इमेजिंग और रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. सरकार AI आधारित सिस्टम, अर्ली वार्निंग सिस्टम और बेहतर संचार व्यवस्था पर भी काम करेगी, ताकि खतरे की जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाई जा सके.
चिक्काबल्लापुर में बनेगी ड्रोन टेस्टिंग फैसिलिटी
सरकार चिक्काबल्लापुर में ड्रोन टेस्टिंग फैसिलिटी बनाने की भी योजना बना रही है. उप-मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह देश में अपनी तरह की पहली सुविधा हो सकती है. यहां ड्रोन की जांच सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि वास्तविक फील्ड परिस्थितियों में भी की जाएगी. भविष्य में ड्रोन का इस्तेमाल दवा पहुंचाने, कम दूरी की यात्री सेवाओं और दूसरे जरूरी कामों में बढ़ सकता है. इसलिए सरकार अभी से इस तकनीक के परीक्षण और इस्तेमाल की तैयारी कर रही है.