कर्नाटक सरकार सूखा राहत और किसानों की कर्जमाफी की मांग को लेकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाएगी. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राज्य में सूखे की स्थिति को स्वीकार कर चुके हैं, इसलिए केंद्र को राहत देनी चाहिए. उन्होंने बीजेपी पर सूखे के मुद्दे पर राजनीति करने और बेंगलुरु की विकास परियोजनाओं का विरोध करने का आरोप लगाया.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वह सभी दलों के नेताओं को साथ लेकर दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार से सूखा राहत देने की मांग करेंगे. उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विपक्ष के नेता आर. अशोक और अन्य नेताओं से प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की अपील की. शिवकुमार ने केंद्र से किसानों की कर्जमाफी में भी मदद करने की मांग की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सूखे और किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए 21 से 23 सितंबर तक विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. इस सत्र में पश्चिमी घाट से जुड़ी डॉ. के. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी. शिवकुमार ने आरोप लगाया कि हाल के मॉनसून सत्र में विपक्ष ने सूखे और किसानों के मुद्दों पर चर्चा में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई.
सूखे पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि जेडीएस और बीजेपी के कुछ विधायकों ने उनसे मुलाकात कर सूखे के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने पर नाराजगी जताई थी. इसी वजह से सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. विपक्ष की 7 दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग पर शिवकुमार ने कहा कि सरकार सभी की राय सुनने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि सभी विधायक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और सदन में हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए.
बीजेपी की पदयात्रा पर शिवकुमार का पलटवार
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नागेंद्र को लेकर विपक्ष की आलोचना और बीजेपी की पदयात्रा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नागेंद्र ने खुद इस्तीफा दिया था, इसके बावजूद बीजेपी पदयात्रा निकाल रही है. शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस में नागेंद्र जैसे 100 नेता हैं और वह अब भी उन्हें अपना नेता मानते हैं. शिवकुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकाल में परेशान किसानों की मदद और उनकी स्थिति सुधारने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने कहा कि बीजेपी को किसानों के लिए कुछ नहीं करने पर ‘पश्चाताप यात्रा’ निकालनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीजेपी की यात्राओं की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गलत काम किया है तो उसे उसका परिणाम भुगतना होगा और वह भी इससे अलग नहीं हैं.