Punjab Farmers Protest: पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़े किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को फेज-11 से चंडीगढ़-मोहाली सीमा तक मार्च निकाला. किसान 1 सितंबर से सात दिवसीय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों की पूर्ण कर्जमाफी तथा गन्ने का भाव बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल करना शामिल है. मार्च के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन शामिल रहे, जिससे आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ.
MSP पर कानूनी गारंटी की मांग
प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार से फसलों की MSP पर गारंटीकृत खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि केवल फसलों के लिए MSP घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है. किसानों को उनकी उपज का तय न्यूनतम मूल्य वास्तव में मिले, इसके लिए कानूनी व्यवस्था जरूरी है. किसानों ने बासमती, मक्का, आलू, दालों और सब्जियों सहित विभिन्न फसलों की MSP पर गारंटीकृत खरीद की मांग उठाई है. उनका कहना है कि बाजार में कीमतें गिरने की स्थिति में किसानों को नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी खरीद व्यवस्था जरूरी है.
1700 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचीं
किसानों ने शुक्रवार को फेज-11 स्थित बेस्टेक स्क्वायर मॉल से मार्च शुरू किया और चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सेक्टर 47-48 ट्रैफिक लाइट प्वाइंट के पास बने मुख्य धरना स्थल तक पहुंचे. प्रदर्शन में करीब 1,700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के शामिल होने का दावा किया गया. किसानों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या करीब 4,000 तक पहुंच गई. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की. शनिवार को भी किसान एयरपोर्ट रोड के अलग-अलग चौराहों पर तख्तियां लेकर लोगों को अपनी मांगों के बारे में जानकारी देने की तैयारी में हैं.
मार्च से यातायात प्रभावित, पुलिस से हुई बैठक
किसानों के मार्च के चलते चंडीगढ़-मोहाली सीमा और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को कुछ मार्गों पर आवाजाही के दौरान वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी. खास तौर पर आईआईएसईआर चौक से जगतपुरा के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी से बचने के लिए दूसरे मार्ग अपनाने को कहा गया. प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई. पुलिस की ओर से किसानों को उनकी समस्याओं और मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया. किसानों ने बिजली और पानी की आपूर्ति से जुड़ी कुछ समस्याएं भी उठाईं, जिनके समाधान का दावा पुलिस की ओर से किया गया.
सात दिन तक चलेगा किसानों का विरोध
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसानों का यह विरोध प्रदर्शन 1 सितंबर से शुरू हुआ है और सात दिनों तक चलने वाला है. प्रदर्शन के दौरान किसान कृषि क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. किसानों की प्रमुख मांगों में सभी प्रमुख फसलों की MSP पर कानूनी गारंटी और खरीद, किसानों व कृषि मजदूरों की पूरी कर्जमाफी और गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल करना शामिल है. किसानों का कहना है कि इन मांगों पर ठोस कदम उठाए जाने से कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिल सकती है.