मॉनसून के समय दिखेगा El Nino का विकराल रूप, बूंद-बूंद पानी का रहेगा इंतजार! क्या है Skymet की भविष्यवाणी

Skymet के मैनेजिंग डायरेक्टर जतिन सिंह ने कहा कि इस साल साउथवेस्ट मॉनसून  के शुरुआती दौर में El Nino सक्रिय होने की संभावना है और यह साल के अंत तक और मजबूत होगा. जतिन सिंह के अनुसार, El Nino की वापसी कमजोर मॉनसून का संकेत दे सकती है और मॉनसून का दूसरा हिस्सा अधिक अनियमित और अस्थिर रहने की संभावना है.

नोएडा | Updated On: 8 Apr, 2026 | 05:54 PM

Weather Updates: इस साल सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इससे खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है. प्राइवेट मौसम एजेंसी Skymet ने साउथवेस्ट मॉनसून (जून-सितंबर) का अनुमान जारी किया है. एजेंसी ने कहा कि इस साल सामान्य से कम बारिश होगी. यानी लंबी अवधि के औसत (LPA) का लगभग 94 फीसदी ही बारिश रहने की संभावना है. Skymet ने चेतावनी दी कि मजबूत हो रहा El Nino मॉनसून को प्रभावित कर सकता है. इसका असर खासकर अगस्त-सितंबर महीने में दिखेगा. इससे खरीफ फसलों की पैदावार में गिरावट आ सकती है.

Skymet के मुताबिक, अगर प्रमुख खरीफ फसल उगाने वाले इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो कृषि वृद्धि पर भी नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है. भारत में सालाना बारिश का 65-70 फीसदी हिस्सा मॉनसून में ही आता है. विशेष रूप से, पिछले दो साल 2024 और 2025 में मॉनसून सामान्य से ज्यादा रहा था, लेकिन इस साल की स्थिति उलट दिख रही है.

El Nino सक्रिय होने की संभावना

Skymet के मैनेजिंग डायरेक्टर जतिन सिंह ने कहा कि इस साल साउथवेस्ट मॉनसून  के शुरुआती दौर में El Nino सक्रिय होने की संभावना है और यह साल के अंत तक और मजबूत होगा. जतिन सिंह के अनुसार, El Nino की वापसी कमजोर मॉनसून का संकेत दे सकती है और मॉनसून का दूसरा हिस्सा अधिक अनियमित और अस्थिर रहने की संभावना है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अगले हफ्ते 2026 के मॉनसून का पहला आधिकारिक पूर्वानुमान जारी कर सकता है. El Nino के अलावा IOD भी मॉनसून को प्रभावित कर सकता है.

मॉनसून की गति को प्रभावित करने की क्षमता रखता है

Skymet ने कहा कि भारतीय महासागर डाइपोल (IOD) भी मॉनसून की गति को प्रभावित करने की क्षमता रखता है. एजेंसी के अनुसार, अगर मॉनसून के दौरान IOD का सकारात्मक असर मजबूत रहा, तो यह El Nino के नकारात्मक प्रभावों को आंशिक रूप से कम कर सकता है. Skymet ने कहा कि केंद्रीय और पश्चिमी भारत का मुख्य मॉनसून क्षेत्र इस साल पर्याप्त बारिश नहीं देखेगा. खासकर अगस्त-सितंबर महीने के दौरान पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. वहीं, पूरब और उत्तर-पूर्वी हिस्से अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर स्थिति में रहेंगे.

Skymet के अनुसार, महीनेवार बारिश का अनुमान इस प्रकार है

जून: 101 फीसदी
जुलाई: 95 फीसदी
अगस्त: 92 फीसदी
सितंबर: 89 फीसदी

इन फसलों के लिए बारिश बहुत जरूरी

Skymet ने कहा कि पर्याप्त मॉनसून बारिश रबी फसलों जैसे गेहूं, दालें और तिलहन की बुवाई के लिए भी जरूरी है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है. इस साल मॉनसून के सामान्य से कम रहने की 40 फीसदी संभावना है. वहीं, IMD के निदेशक जनरल मृत्युंजय महापात्रा ने हाल ही में कहा कि El Nino की स्थिति जुलाई के अंत या मॉनसून के दूसरे हिस्से में विकसित हो सकती है. आमतौर पर मॉनसून की शुरुआत केरल तट पर जून की शुरुआत में होती है और जुलाई तक पूरे देश में फैल जाती है. सितंबर के मध्य से उत्तर भारत में बारिश धीरे-धीरे कम होने लगती है.

Published: 8 Apr, 2026 | 05:53 PM

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