Sugarcane Crushing: महाराष्ट्र में गन्ना कटाई के लिए मजदूरों की कमी, पेराई में देरी बढ़ाएगी मुश्किलें

महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से गन्ने की पेराई शुरू करने की तैयारी है, लेकिन मजदूरों की कमी और बारिश ने चिंता बढ़ा दी है. दशहरा-दिवाली के कारण कटाई मजदूर कम मिल सकते हैं. वहीं, चीनी का भाव 60 रुपये किलो तक पहुंचने से देरी महंगी पड़ सकती है.

नोएडा | Updated On: 1 Sep, 2026 | 06:06 PM

महाराष्ट्र में इस साल गन्ने की पेराई शुरू होने में देरी हो सकती है. सरकार ने 15 अक्टूबर से चीनी मिलों में पेराई शुरू करने की योजना बनाई है, लेकिन गन्ना काटने वाले मजदूरों की कमी और बारिश के कारण इस तारीख पर काम शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है. दशहरा और दिवाली के त्योहारों का असर भी गन्ने की कटाई पर पड़ सकता है. पेराई सीजन की अंतिम तारीख को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक होगी.

मजदूरों की कमी से गन्ने की कटाई पर असर

महाराष्ट्र में गन्ने की कटाई  के लिए बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे इलाकों से आते हैं. बीड, धाराशिव और सोलापुर जैसे क्षेत्रों से आने वाले मजदूर हर साल गन्ना कटाई के काम में बड़ी भूमिका निभाते हैं. लेकिन इस बार दशहरा और दिवाली के कारण मजदूरों की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है. त्योहारों के दौरान कई मजदूर अपने घर लौट जाते हैं. ऐसे में खेतों में समय पर गन्ने की कटाई नहीं हो पाती है. अगर कटाई में देरी होती है तो इसका सीधा असर चीनी मिलों की पेराई पर पड़ेगा. इसी वजह से 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने की योजना को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है.

बारिश भी बढ़ा सकती है परेशानी

मजदूरों की कमी  के साथ बारिश भी गन्ना कटाई के रास्ते में बड़ी परेशानी बन सकती है. महाराष्ट्र के कई हिस्सों में वापसी की बारिश की संभावना रहती है. बारिश होने पर खेतों में काम करना मुश्किल हो जाता है और गन्ने की कटाई प्रभावित होती है. इसका असर गन्ने को खेत से चीनी मिल तक पहुंचाने पर भी पड़ सकता है. सरकार अब मौसम और मजदूरों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर पेराई शुरू करने की तारीख तय करेगी. अंतिम फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लिया जाएगा.

मिलों के लिए FRP भुगतान की शर्त जरूरी

इस बार चीनी मिलों के लिए पेराई शुरू  करने के नियम भी सख्त किए गए हैं. मिलों को पेराई लाइसेंस तभी मिलेगा, जब उन्होंने पिछले सीजन का 100 फीसदी उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी FRP किसानों को चुका दिया हो. लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो गई है और 30 सितंबर तक चलेगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते ने साफ कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बिना लाइसेंस पेराई शुरू करने वाली मिलों पर भी सख्त कदम उठाया जाएगा.

चीनी महंगी, उत्पादन घटने की भी चिंता

महाराष्ट्र में चीनी की कीमतों  में पहले से तेजी देखने को मिल रही है. दिवाली से पहले खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. ऐसे में सरकार जल्द पेराई शुरू कर बाजार में नई चीनी लाना चाहती है, ताकि बढ़ती कीमतों पर कुछ हद तक रोक लगाई जा सके. हालांकि, इस बार चीनी उत्पादन को लेकर भी चिंता है. अधिकारियों के मुताबिक महाराष्ट्र के 20 से ज्यादा जिलों में औसत से कम बारिश हुई है. इसका असर गन्ने की पैदावार पर पड़ सकता है. अनुमान है कि इस साल राज्य में चीनी उत्पादन करीब 2 लाख टन कम हो सकता है. अब सरकार के सामने समय पर गन्ने की कटाई, मजदूरों की उपलब्धता और चीनी की कीमत को संभालने की चुनौती है.

Published: 1 Sep, 2026 | 06:03 PM

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