नेपाल में बाढ़ से बिहार में हड़कंप! 12 जिलों में फसल डूबने का खतरा, सरकार हाई अलर्ट पर

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. गंडक के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक पानी बढ़ने की आशंका है. सरकार ने 12 जिलों को अलर्ट किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईलेवल टीम बनाई, अमित शाह ने तैयारियों की जानकारी ली.

नोएडा | Updated On: 27 Aug, 2026 | 11:46 AM

नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है. पड़ोसी देश में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ में कई लोगों की मौत के बाद बिहार सरकार ने नेपाल से सटे जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है. खासतौर पर गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बढ़ते पानी को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हालात पर नजर रखने के लिए हाईलेवल कमेटी गठित की है. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार के मुख्यमंत्री से राज्य की तैयारियों को लेकर बातचीत की है. वहीं, नेपाल में भारी बारिश का असर सिर्फ नदियों तक सीमित नहीं है. बिहार के उत्तर-पूर्वी और सीमावर्ती जिलों में फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है.

नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ी चिंता

नेपाल में हुई भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का असर बिहार की नदियों  पर पड़ने की आशंका है. राज्य के उत्तर बिहार और सीमावर्ती इलाकों में हर साल नेपाल से आने वाले पानी के कारण बाढ़ का खतरा बना रहता है. इस बार भी गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, सुपौल, दरभंगा, मधुबनी, मधेपुरा, सहरसा के अलावा सीमांचल के किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. प्रशासन को निचले इलाकों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

सीएम ने बनाई हाईलेवल टीम, अमित शाह ने की बात

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी  ने कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए हाईलेवल अधिकारियों की टीम गठित की गई है. मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद उत्तर बिहार के जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले सकते हैं. बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बातचीत कर संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली. सरकार का फोकस राहत और बचाव व्यवस्था को समय रहते मजबूत करने पर है.

धान समेत फसलों पर भी मंडरा रहा संकट

नेपाल में भारी बारिश का असर सिर्फ नदियों तक सीमित नहीं है. बिहार के उत्तर-पूर्वी और सीमावर्ती जिलों में खेतों में पानी भरने  से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है. इस समय कई इलाकों में धान की रोपाई और शुरुआती फसल का दौर चल रहा है. लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने पर धान की फसल सड़ सकती है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, किशनगंज और अररिया जैसे जिलों में किसानों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

गंडक-कोसी पर नजर, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

बिहार आपदा प्रबंधन विभाग  ने कहा है कि नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और अचानक पानी बढ़ने की संभावना को देखते हुए निगरानी की जा रही है. नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से बिना जरूरत नदी के पास नहीं जाने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. पश्चिमी चंपारण प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को नदियों में बढ़ते जलस्तर की जानकारी देना शुरू कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है.

गंडक, जिसे नारायणी नदी भी कहा जाता है और कोसी नदी हिमालय तथा तिब्बत क्षेत्र से निकलकर नेपाल के रास्ते बिहार में प्रवेश करती हैं. गंगा का जलस्तर भी पटना समेत कई जिलों में खतरे के निशान तक पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ी हुई है. इससे पहले अगस्त 2008 में कोसी की बाढ़ ने बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाई थी. ऐसे में इस बार प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से पूरी तैयारी में जुट गया है.

Published: 27 Aug, 2026 | 11:45 AM

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