ओडिशा में प्याज की सप्लाई घटने से कीमतें उछलीं, खुदरा भाव 70 रुपये किलो के पार पहुंचा
ओडिशा में प्याज की सप्लाई घटने से खुदरा भाव 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है. कर्नाटक से आवक रुकने के बाद राज्य की निर्भरता नासिक पर बढ़ गई है. नासिक में थोक भाव 4,000 रुपये क्विंटल तक पहुंचा. बेमौसम बारिश से रबी फसल को नुकसान हुआ. अक्टूबर में नई खरीफ फसल आने से कीमतों में राहत की उम्मीद है.
ओडिशा में प्याज की सप्लाई कम होने से कीमतें बढ़ने लगी हैं. राज्य में प्याज का खुदरा भाव बढ़कर 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है. कारोबारियों के मुताबिक, कर्नाटक से प्याज की आवक कम हो रही है, जबकि महाराष्ट्र की प्रमुख मंडियों, खासकर नासिक में थोक भाव बढ़ गए हैं. ओडिशा के लिए फिलहाल महाराष्ट्र प्याज का सबसे बड़ा सप्लायर है, क्योंकि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आवक सीमित है.
ओडिशा में रोजाना करीब 2,500 से 3,000 टन प्याज की जरूरत होती है. कुबेरपुरी ब्यबसायी संघ के महासचिव शक्ति शंकर मिश्रा ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि नासिक से सप्लाई सामान्य है, लेकिन वहां प्याज का थोक भाव बढ़कर करीब 4,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. भुवनेश्वर में प्याज 38 से 40 रुपये किलो बिक रहा है. उनके मुताबिक, खुदरा भाव करीब 50 रुपये किलो होना चाहिए. ज्यादा कीमत पर प्याज बेचने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई के लिए बाजार निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं.
कर्नाटक से सप्लाई बंद होने से बढ़ा प्याज संकट
ओडिशा में प्याज की कीमतों पर सप्लाई की कमी का दबाव बढ़ गया है. खाद्य एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग की मार्केट इंटेलिजेंस टीम रोजाना जरूरी सामान की कीमतों पर नजर रखती है. कारोबारियों के मुताबिक, पिछले 2-3 दिनों से कर्नाटक से प्याज की सप्लाई नहीं हुई है. ऐसे में ओडिशा अब लगभग पूरी तरह महाराष्ट्र के नासिक बाजार पर निर्भर है. अधिकारियों के मुताबिक, बेमौसम बारिश से रबी प्याज की कटाई के दौरान फसल को कुछ नुकसान हुआ था. इससे प्याज की उपलब्धता कम हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ा. हालांकि, अक्टूबर के मध्य से नई खरीफ प्याज की आवक शुरू होने की उम्मीद है. नई फसल बाजार में आने के बाद प्याज की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है.
प्याज के दाम रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम
प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बाजार में हस्तक्षेप बढ़ा दिया है. NCCF और NAFED ओडिशा के प्रमुख शहरों में 35 रुपये किलो की दर से प्याज बेच रहे हैं. इन एजेंसियों के जरिए रिटेल दुकानों, मोबाइल वैन और सहकारी समितियों से सस्ता प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है. कारोबारियों ने राज्य सरकार से केंद्र के पास प्याज के बफर स्टॉक से ओडिशा के लिए ज्यादा प्याज जारी करने की मांग करने को कहा है.
प्याज की कीमतों ने बिगड़ा रसोई बजट
बता दें कि केवल ओडिशा ही नहीं आंध्र प्रदेश में भी प्याज की कीमतों ने लोगों का रसोई बजट बिगाड़ दिया है. पिछले महीने के मुकाबले प्याज के दाम 20 रुपये प्रति किलो से ज्यादा बढ़ गए हैं. राज्य में प्याज की सप्लाई में भारी गिरावट के कारण कीमतों में तेजी आई है. आंध्र प्रदेश में रोजाना करीब 5,000 टन प्याज की जरूरत होती है, लेकिन बाजारों में अभी करीब 2,500 टन ही प्याज पहुंच रहा है. विशाखापत्तनम के चार प्रमुख थोक बाजारों में भी आवक घटकर 100-125 टन प्रतिदिन रह गई है, जबकि सामान्य दिनों में यहां करीब 250 टन प्याज की जरूरत होती है.