Jewar Airport: PM मोदी ने किया देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन! NCR को मिला गेमचेंजर प्रोजेक्ट
Jewar Airport Inauguration: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के साथ ही NCR को एक बड़ा एविएशन हब मिल गया है. PM मोदी और CM योगी की मौजूदगी में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट न सिर्फ हवाई यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा करेगा. जानिए इसकी खासियतें और क्यों इसे गेमचेंजर कहा जा रहा है.
Jewar Airport Noida: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई केंद्रीय और राज्य मंत्री भी मौजूद रहे. करीब 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस परियोजना को भविष्य में उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है.
एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है. यह परियोजना भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है. इसका डिजाइन आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो इसे अन्य एयरपोर्ट्स से अलग बनाता है.
एयरपोर्ट की प्रमुख खासियतें
- इस एयरपोर्ट की शुरुआत में सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी.
- इसे आगे चलकर 7 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है.
- यहां 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जिस पर बड़े विमान भी आसानी से उड़ान भर सकेंगे.
- साथ ही, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और उन्नत लाइटिंग के कारण यहां 24 घंटे और हर मौसम में उड़ानों का संचालन संभव होगा.
- कार्गो सुविधाओं की बात करें तो शुरुआती चरण में 2.5 लाख मीट्रिक टन माल ढुलाई की क्षमता है, जिसे भविष्य में काफी बढ़ाया जाएगा.
#WATCH | Greater Noida, UP: PM Modi inaugurates Phase 1 of the Noida International Airport in Jewar today. pic.twitter.com/LLig1JPcUy
और पढ़ें— ANI (@ANI) March 28, 2026
शानदार कनेक्टिविटी और सुविधाएं
एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित है, जिससे सड़क मार्ग से इसकी कनेक्टिविटी बेहद आसान है. इसके अलावा, इसे रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे यात्रियों को सफर में किसी तरह की परेशानी न हो. यह मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इस एयरपोर्ट को और अधिक सुविधाजनक बनाती है.
पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर खास जोर दिया गया है. इसमें ऊर्जा-कुशल सिस्टम और शून्य उत्सर्जन वाली तकनीकों का उपयोग किया गया है. साथ ही, इसका वास्तु डिजाइन भारतीय परंपरा से प्रेरित है, जिसमें घाटों और हवेलियों की झलक देखने को मिलती है.
#WATCH | Greater Noida: Prime Minister Narendra Modi says, “This Jewar Airport is a prime example of the work culture of the ‘Double-Engine Government.’ The government of Atal Bihari Vajpayee actually gave approval for this airport in the files back in 2003. Many of you here… https://t.co/KoUZUVf2Ky pic.twitter.com/o7eeREELja
— ANI (@ANI) March 28, 2026
NCR के विकास में निभाएगा अहम भूमिका
यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा. साथ ही, यह उत्तर प्रदेश और पूरे NCR क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगा.यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों की शुरुआत होने की संभावना है, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ एक आधुनिक हवाई अड्डा है, बल्कि यह उत्तर भारत के विकास का एक बड़ा आधार बनने जा रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और पर्यावरण के प्रति जागरूकता इसे भविष्य का स्मार्ट एविएशन हब बनाती हैं.