PM फसल बीमा में फर्जीवाड़े पर सख्ती, पॉलिसी से लेकर फसल कटाई तक होगी जांच

राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. बीमा पॉलिसियों से लेकर फसल कटाई प्रयोग तक गहन निगरानी होगी. गलत जानकारी, फर्जी पॉलिसी या नियमों का उल्लंघन मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि वास्तविक किसानों को समय पर लाभ मिल सके.

नोएडा | Updated On: 25 Aug, 2026 | 08:13 PM

राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के पारदर्शी और किसान हितैषी क्रियान्वयन को लेकर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्थान के कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के हर चरण की गंभीरता से निगरानी की जाए और पात्र किसानों को समय पर बीमा का लाभ मिले. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में फसल बीमा पॉलिसियों, ऑफलाइन गांवों, नए ऋणी किसानों, ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग और पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई. आयुक्त ने साफ कहा कि फर्जीवाड़े, गलत जानकारी या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

फसल बीमा पॉलिसियों की होगी गहन जांच

राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार, बैठक में फसल बीमा पॉलिसियों  की जांच और उनके अनुमोदन की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पॉलिसी का सत्यापन निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी गंभीरता से किया जाए. किसी पॉलिसी में अनियमितता सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है. विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बीमा योजना का लाभ केवल पात्र किसानों तक पहुंचे और किसी गलत जानकारी या अनियमित प्रक्रिया के कारण वास्तविक किसान प्रभावित न हों. इसके लिए पॉलिसियों की जांच और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया.

ऑफलाइन गांव और नए ऋणी किसान भी फोकस में

बैठक में ऑफलाइन गांवों और पहली बार कर्ज लेने वाले किसानों की फसल बीमा पॉलिसियों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को ऐसी पॉलिसियों का डीएलएमसी से नियमानुसार अनुमोदन कराने के निर्देश दिए गए. आयुक्त ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता  बनाए रखना जरूरी है, ताकि कोई भी पात्र किसान बीमा सुरक्षा से वंचित न रह जाए. इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और योजना के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा गया.

फसल कटाई प्रयोग में लापरवाही नहीं चलेगी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन प्रयोगों से प्राप्त आंकड़ों की भूमिका किसानों के बीमा दावों के निर्धारण में होती है. बैठक में आयुक्त ने फसल कटाई  प्रयोगों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि फसल कटाई प्रयोग के किसी भी चरण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. आंकड़ों की गुणवत्ता और प्रक्रिया की पारदर्शिता सीधे तौर पर किसानों के हित से जुड़ी है, इसलिए विभागीय स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं.

पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान की सूचना पर समय पर सर्वे

राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार, बैठक में फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान यानी पोस्ट हार्वेस्ट हानि से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित किसानों से प्राप्त इंटिमेशन पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर सर्वे कराया जाए और आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए. आयुक्त कृषि ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में फर्जीवाड़ा, गलत जानकारी, अनियमित पॉलिसी या नियमों का उल्लंघन  करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजना के हर चरण की निगरानी करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक किसानों को पारदर्शी तरीके से बीमा सुरक्षा और दावों का लाभ मिल सके.

Published: 26 Aug, 2026 | 06:45 AM

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