Animal Husbandry: बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड सहित अधिकांश राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इससे इंसाने के साथ-साथ मवेशी भी परेशान हैं. अधिक ठंड के चलते मवेशियों के दूध उत्पादन पर भी असर पड़ा है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं, कई किसानों की शिकायत है कि उनकी गाय-भैंस अधिक ठंड के कारण गर्भ धारण नहीं कर रही है. यानी गाभिन नहीं हो रही है. इससे पशुपालकों की चिंता बढ़ती जा रही है. लेकिन पशुपालकों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. आज हम कुछ ऐसे देसी टिप्स बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाते ही गाय-भैंस गाभिन हो जाएगी और दूध उत्पादन भी बढ़ जाएगा.
पशु एक्सपर्ट के मुताबिक, प्रजनन के लिहाज से मवेशियों का गर्भधारण ज्यादातर सितंबर से फरवरी तक होता है. यानी इस दौरान जब वे हीट में आती हैं तो मवेशियों को पाल दिया जाता है. लेकिन अब भीषण सर्दी की वजह से गाय- भैंस हीट में नहीं आ रही हैं और कोल्डस्ट्रेस की समस्या बढ़ गई है, जिससे दूध उत्पादन और प्रजनन दोनों प्रभावित हो रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि मार्केट में उपलब्ध मल्टीविटामिन हीट बनाए रखने में मदद करती हैं. प्रतिदिन 15-15 एमएल सुबह-शाम दें. साथ ही घरेलू उपाय के तौर पर 200 ग्राम गुड़ को 2- 2.5 लीटर पानी में मिलाकर रोज पिलाएं. इससे सर्दी के मौसम में भी मवेशियों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा.
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क्यों नहीं गर्भधारण कर पा रही हैं गाय-भैंस
गाय और भैंसें कभी-कभी पोषण की कमी या गर्भाशय में संक्रमण जैसी वजहों से गर्भधारण नहीं कर पाती हैं. इससे निपटने के लिए पशुओं को रोजाना 50 ग्राम केलाटेड मिनरल मिक्सर पाउडर खिलाएं, जिससे पोषक तत्वों की कमी पूरी हो सके. अगर पशु में कोई जैविक समस्या हो, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें. इससे गर्भधारण और दूध उत्पादन में सुधार हो सकता है.
सर्दी में पशुओं को खिलाएं ये आहार
वहीं, सर्दियों में पशुओं के लिए खास ध्यान देना जरूरी है. ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए उन्हें ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. इसलिए दाना, खली और चोकर की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें. सरसों की खली और गुड़ देने से गर्मी बनी रहती है. हरा चारा भी जरूर खिलाएं, ताकि पाचन ठीक रहे और दूध की गुणवत्ता बढ़े. साथ ही सर्दी में पानी भी गुनगुना दें. सर्दियों में ठंडा पानी नुकसानदेह हो सकता है और खांसी, बुखार या निमोनिया जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है. दिन में कम से कम दो बार हल्का गुनगुना पानी पिलाना सबसे सही है. इससे पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बढ़ता है.