Animal Fertility Solutions : हर पशुपालक का एक सपना होता है कि उसके खूंटे पर बंधी बछिया समय पर बड़ी हो, गाभिन हो और फिर घर में दूध की नदियां बहें. लेकिन कई बार किसान भाई सालों-साल इंतजार करते रह जाते हैं. बछिया 3-4 साल की हो जाती है, अच्छी-खासी तंदुरुस्त भी दिखती है, लेकिन ठहरती नहीं. डॉक्टर को दिखाया, देसी नुस्खे आजमाए, पर सब बेकार. ऐसे में मायूसी होना लाजमी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी समस्या बहुत बड़ी नहीं होती, बस शरीर को उस एक खास धक्के की जरूरत होती है जो उसे कुदरती रूप से तैयार कर सके? आज हम आपको एक ऐसी जादुई चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके घर की रसोई में ही मौजूद है- अंकुरित अनाज (Sprouted Grains).
विटामिन-E का पावर हाउस-अंकुरित गेहूं
जैसे इंसानों को कमजोरी दूर करने के लिए ताकत की दवा चाहिए होती है, वैसे ही पशुओं के गर्भाशय को तैयार करने के लिए विटामिन-E और फास्फोरस की सख्त जरूरत होती है. जब आप साधारण गेहूं खिलाते हैं, तो वह सिर्फ पेट भरता है. लेकिन जब उसी गेहूं को आप 2-3 दिन पानी में भिगोकर अंकुरित कर देते हैं उसमें छोटे-छोटे सफेद धागे जैसे दाने निकल आते हैं, तो उसकी ताकत 10 गुना बढ़ जाती है. यह अंकुरित गेहूं पशु के शरीर में जाकर उन हारमोंस को जगाता है जो उसे गाभिन होने में मदद करते हैं. यह एक तरह की कुदरती दवा है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है.
कैसे तैयार करें यह जादुई खुराक?
इसे बनाना उतना ही आसान है जितना घर में चने भिगोना. आपको बस इतना करना है कि रोजाना करीब आधा से एक किलो साफ गेहूं लें. उसे रात भर पानी में भिगो दें. अगले दिन पानी छानकर उसे एक सूती बोरे या मोटे कपड़े में बांधकर अंधेरे वाली जगह पर रख दें. समय-समय पर उस पर पानी छिड़कते रहें ताकि नमी बनी रहे. 2 से 3 दिन में जब उसमें से सफेद अंकुर निकलने लगें, तो समझो आपकी संजीवनी दवा तैयार है. इसे खिलाने से पशु के अंदरूनी अंगों की कमजोरी दूर होती है और वह जल्दी हीट (Heat) में आता है.
खिलाने का सही तरीका और नियम
इस जादुई खुराक को देने का भी एक नियम है. रोज सुबह खाली पेट अपनी बछिया को यह अंकुरित गेहूं खिलाएं. आप चाहें तो इसमें थोड़ी सी मिश्री या गुड़ भी मिला सकते हैं ताकि पशु इसे स्वाद लेकर खाए. लगातार 15 से 20 दिन तक यह खुराक देने से पशु का शरीर अंदर से गर्म होने लगता है और उसके प्रजनन अंग काम करने लगते हैं. साथ ही, याद रखें कि पशु को साफ पानी और अच्छी क्वालिटी का मिनरल मिक्सचर भी देते रहें. यह नुस्खा उन पशुओं पर सबसे ज्यादा असर करता है जो देखने में ठीक हैं पर हीट में नहीं आ रहे.
डॉक्टरों के चक्कर और महंगी दवाओं से मिलेगी मुक्ति
अक्सर किसान भाई हार मानकर पशु को औने-पौने दाम पर कसाई या व्यापारियों को बेच देते हैं. लेकिन बेचने से पहले एक बार यह अंकुरित अनाज वाला नुस्खा जरूर आजमाएं. यह सिर्फ एक प्रयोग नहीं, बल्कि बुजुर्गों का तजुर्बा और विज्ञान का मेल है. इससे न केवल आपकी बछिया गाभिन होगी, बल्कि होने वाला बच्चा भी सेहतमंद पैदा होगा. जब घर की बछिया गाय बनेगी और बाल्टी भरकर दूध देगी, तब आपको अहसास होगा कि महंगी दवाओं में नहीं, बल्कि कुदरत के इन छोटे-छोटे दानों में असली ताकत छिपी है.