13 लाख टन यूरिया का स्टॉक फिर भी किसानों की लंबी कतार, राजस्थान में सरकार-कांग्रेस आमने-सामने

Fertilizer Shortage: राजस्थान में खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार और कांग्रेस आमने-सामने हैं. सरकार का दावा है कि राज्य में यूरिया समेत फॉस्फेटिक खाद का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई जारी है. वहीं कांग्रेस का आरोप है कि किसानों को समय पर DAP और दूसरी जरूरी खाद नहीं मिल रही है.

नोएडा | Updated On: 2 Sep, 2026 | 11:36 AM

Rajasthan Fertilizer Shortage: राजस्थान में खरीफ फसलों के लिए खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है. कांग्रेस का कहना है कि राज्य के किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है. इतना ही नहीं, जिन किसानों को खाद मिल भी रही है, उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पा रही है. दूसरी ओर, राजस्थान सरकार का दावा है कि राज्य में खरीफ फसलों के लिए खाद की कोई कमी नहीं है और लगातार इसकी सप्लाई की जा रही है.

सरकार का दावा- राज्य में खाद की कमी नहीं

राजस्थान सरकार के मुताबिक, खरीफ सीजन के दौरान राज्य में यूरिया की उपलब्धता पर्याप्त रही है. कृषि एवं बागवानी विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल के अनुसार, राज्य को अब तक कुल 13.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है. इसमें केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल से अगस्त के खरीफ सीजन के लिए शुरुआती तौर पर आवंटित 9.28 लाख मीट्रिक टन यूरिया भी शामिल है. सरकार के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद राजस्थान को उसके आवंटन का करीब 141 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराया जा चुका है. यानी सरकार का कहना है कि राज्य में यूरिया की सप्लाई जरूरत के हिसाब से लगातार जारी है.

DAP की मांग और उपलब्धता में अंतर

हालांकि, DAP को लेकर तस्वीर थोड़ी अलग है. अप्रैल से अगस्त के बीच राजस्थान में 3.80 लाख मीट्रिक टन DAP की मांग थी. इसके मुकाबले अब तक 3.41 लाख मीट्रिक टन DAP उपलब्ध कराया गया है. इसमें 1 अप्रैल को राज्य में मौजूद स्टॉक भी शामिल है. सरकार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर DAP की सप्लाई प्रभावित होने के बावजूद किसानों के लिए दूसरे फॉस्फेटिक खाद के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. राज्य में अब तक 1.71 लाख मीट्रिक टन NPK और 3.76 लाख मीट्रिक टन SSP उपलब्ध कराया गया है. सरकार के मुताबिक, DAP, NPK और SSP को मिलाकर कुल 7.88 लाख मीट्रिक टन फॉस्फेटिक खाद किसानों की जरूरत पूरी करने के लिए उपलब्ध कराई गई है.

अगस्त के बीच में कितना स्टॉक बचा?

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के मध्य तक राजस्थान में 2.59 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक मौजूद था. इसके अलावा 67 हजार मीट्रिक टन DAP, 79 हजार मीट्रिक टन NPK और 1.69 लाख मीट्रिक टन SSP भी उपलब्ध था. सरकार ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार राज्यों को हर महीने खाद का आवंटन करती है. इसी के आधार पर राज्यों में खाद की सप्लाई आगे बढ़ाई जाती है.

कांग्रेस का आरोप- कागजों में स्टॉक, जमीन पर परेशानी

वहीं, कांग्रेस ने सरकार के इन आंकड़ों पर सवाल खड़े किए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य के किसान अपनी फसल बचाने के लिए जरूरी खाद तक आसानी से नहीं ले पा रहे हैं. गहलोत का कहना है कि किसानों को DAP की कुछ बोरियां लेने के लिए भी सुबह-सुबह लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है. उनके मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में किसान खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं.

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ कागजों पर खाद का स्टॉक दिखाने से किसान की फसल नहीं बच सकती. जरूरत इस बात की है कि खाद के वितरण की व्यवस्था को तुरंत बेहतर किया जाए, ताकि किसानों को उनकी जरूरत के समय खाद मिल सके.

असली सवाल खाद की उपलब्धता नहीं, वितरण का भी

राजस्थान में खाद को लेकर सामने आई तस्वीर में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं. सरकार आंकड़ों के जरिए पर्याप्त स्टॉक होने की बात कह रही है, जबकि कांग्रेस किसानों को जमीन पर हो रही परेशानी का मुद्दा बना रही है. ऐसे में किसानों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि खाद का स्टॉक मौजूद होने के बावजूद वह समय पर और पर्याप्त मात्रा में उन तक कैसे पहुंचे. खरीफ फसलों के लिए खाद की जरूरत अहम समय पर होती है. इसलिए आने वाले दिनों में खाद की सप्लाई के साथ-साथ इसके वितरण पर भी नजर रहेगी.

Published: 2 Sep, 2026 | 11:36 AM

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