यूपी में खाद को लेकर सरकार सख्त! किसानों को समय पर मिलेगी यूरिया-DAP, कम स्टॉक वाली समितियों पर नजर

UP Fertilizer Supply: यूपी सरकार ने खरीफ सीजन में किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है. कम स्टॉक वाली समितियों में तुरंत खाद भेजने और बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 18 Aug, 2026 | 07:53 AM

UP Fertilizer Supply 2026: खरीफ सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद की सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी है. सरकार का फोकस इस बात पर है कि जरूरत के हिसाब से हर जिले और हर समिति तक समय पर खाद पहुंचाई जाए. जिन जगहों पर स्टॉक कम है या खाद पूरी तरह खत्म हो चुकी है, वहां तुरंत सप्लाई भेजने के निर्देश दिए गए हैं. हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की बैठक हुई. इसमें खाद की उपलब्धता, वितरण और किसानों को हो रही परेशानियों की समीक्षा की गई. अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की सप्लाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

यूपी में कितना खाद स्टॉक उपलब्ध?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 अगस्त तक प्रदेश में करीब 5.02 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध थी. इसके अलावा किसानों के लिए करीब 4.04 लाख मीट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक का स्टॉक मौजूद था. खरीफ सीजन में अब तक किसान 10.83 लाख मीट्रिक टन सब्सिडी वाली खाद खरीद चुके हैं. सरकार का कहना है कि मांग के हिसाब से खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार स्टॉक की निगरानी की जा रही है. खासतौर पर उन समितियों पर नजर रखी जा रही है, जहां खाद की उपलब्धता कम है.

कम स्टॉक वाली समितियों में तुरंत पहुंचेगी खाद

सरकार ने सभी समितियों और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं. जिन समितियों में खाद का स्टॉक बहुत कम है या पूरी तरह खत्म हो चुका है, उनकी अलग से समीक्षा की जाएगी. इसके बाद जरूरत के हिसाब से वहां तुरंत खाद भेजी जाएगी. हर जिले में एडीएम या मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी को खाद वितरण की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी. सीडीओ रोजाना खाद की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करेंगे, जबकि जिलाधिकारी साप्ताहिक आधार पर पूरे मामले की निगरानी करेंगे. खाद को समितियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त ट्रकों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि सप्लाई में किसी तरह की देरी न हो.

तय कीमत से ज्यादा वसूली पर सख्ती

सरकार ने खाद की बिक्री में गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं. अगर कोई दुकानदार किसानों से तय कीमत से ज्यादा पैसे लेता है या खाद के साथ किसी दूसरी चीज को जबरन जोड़कर बेचता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मकसद है कि किसानों को सब्सिडी वाली खाद तय कीमत पर आसानी से मिल सके और उन्हें खाद खरीदने में किसी तरह की परेशानी न हो.

बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए भी खास इंतजाम

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए भी अलग व्यवस्था की गई है. अगर किसी इलाके की समिति में खाद उपलब्ध नहीं है, तो वहां के किसानों को पास की दूसरी समितियों से जोड़कर खाद उपलब्ध कराई जाएगी. इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद की सप्लाई बनी रहने की उम्मीद है.

किसानों की मदद के लिए कंट्रोल रूम शुरू

खाद से जुड़ी किसी भी परेशानी या जानकारी के लिए सहकारिता विभाग ने नियंत्रण कक्ष भी शुरू किया है. किसान खाद की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी शिकायत या जानकारी के लिए 0522-2289887 पर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा 1800-180-5551 टोल-फ्री नंबर पर भी मदद ली जा सकती है. सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सप्लाई से लेकर वितरण तक पूरी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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