Rajasthan Crop Insurance: राजस्थान के किसानों के लिए फसल सुरक्षा से जुड़ी बड़ी खबर है. राज्य सरकार ने खरीफ 2026 से पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) लागू कर दी है. योजना के तहत भारी बारिश, सूखा, भीषण गर्मी और पाले जैसे प्रतिकूल मौसम से होने वाले फसल नुकसान को बीमा कवर में शामिल किया गया है. खास बात यह है कि पारंपरिक फसलों के साथ कई फल और सब्जियों को भी योजना में जगह दी गई है. योजना राजस्थान के सभी 41 जिलों में लागू होगी और खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक प्रभावी रहेगी.
41 जिलों में लागू हुई योजना, बागवानी फसलों को भी सुरक्षा
सरकार ने खरीफ 2026 के लिए योजना की अधिसूचना 11 अगस्त 2026 को जारी की है. इसके तहत गेहूं, बाजरा, कपास और सरसों जैसी पारंपरिक फसलों के साथ भिंडी, टमाटर, किन्नू, संतरा और तरबूज जैसी बागवानी फसलों को भी बीमा दायरे में रखा गया है. योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) को दी गई है. किसान बैंक शाखा, सहकारी समिति, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, CSC, डाकघर या अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से योजना से जुड़ सकते हैं.
खरीफ में ये फसलें, रबी में इनका होगा बीमा
खरीफ 2026 में हरी मिर्च, भिंडी, प्याज, टमाटर, अरंडी, अनार, टिंडा, मेहंदी, संतरा और किन्नू जैसी फसलें बीमा कवर में शामिल हैं. वहीं रबी 2026-27 में आंवला, बैंगन, सौंफ, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, मटर, टमाटर, आलू, अमरूद, नींबू, आम, खरबूजा, तरबूज, बेर, पत्तागोभी, मौसमी और पपीता जैसी फसलों को शामिल किया गया है. हालांकि किसान केवल वही फसल बीमित करा सकेंगे, जो उनके जिले के लिए अधिसूचित है.
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किसान देंगे अधिकतम 5 फीसदी प्रीमियम, ये दस्तावेज जरूरी
RWBCIS का लाभ कर्जदार, गैर-कर्जदार और पात्र बटाईदार किसान उठा सकते हैं. वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए किसान को बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा. इससे अधिक प्रीमियम का भार नियमानुसार केंद्र और राज्य सरकारें वहन करेंगी. आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता या पासबुक, मोबाइल नंबर, जमीन से जुड़े दस्तावेज और Agristack ID जरूरी है. बटाईदार किसानों को पात्रता साबित करने वाले अतिरिक्त दस्तावेज भी देने पड़ सकते हैं.
आज है आखिरी मौका, 29 अगस्त तक गलती सुधारने का मौका
यदि किसी कर्जदार किसान ने कृषि ऋण लिया है और वह योजना में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे 24 अगस्त 2026 तक बैंक में ऑप्ट-आउट घोषणा पत्र जमा करना होगा. वहीं फॉर्म में फसल का नाम गलत दर्ज होने पर 29 अगस्त 2026 तक सुधार कराया जा सकता है. ध्यान रहे, हर मौसम संबंधी नुकसान पर मुआवजा स्वतः नहीं मिलेगा. मुआवजा योजना में तय मौसम जोखिम, फसल, क्षेत्र और नियमों के आधार पर निर्धारित होगा. इसलिए किसानों को बीमा कराने से पहले अपने जिले की अधिसूचित फसल, बीमित राशि, प्रीमियम और अंतिम तिथि की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए.