राजस्थान में फसल बीमा के नियम बदले, अब गलती पर बैंक होगा जिम्मेदार, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
PMFBY Update: राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब फसल बीमा पोर्टल पर किसान की जमीन, फसल और KCC से जुड़ी सही जानकारी दर्ज करने की जिम्मेदारी बैंक और वित्तीय संस्थानों की होगी. गलत जानकारी के कारण क्लेम में विवाद होने पर संबंधित संस्था जिम्मेदार होगी.
PM Fasal Bima Yojana: राजस्थान के किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2026 और रबी 2026-27 सीजन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब फसल बीमा से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर किसान की जमीन, फसल, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य जरूरी जानकारी सही दर्ज कराने की जिम्मेदारी बैंक और वित्तीय संस्थानों की होगी. अगर गलत जानकारी दर्ज होने की वजह से बीमा क्लेम में कोई विवाद होता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित बैंक या संस्था की होगी, किसान की नहीं.
क्यों बदले गए नियम?
पिछले कुछ सालों में कई किसानों को फसल बीमा का दावा (क्लेम) लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा. इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि खेत में बोई गई फसल और बीमा पोर्टल पर दर्ज फसल अलग-अलग थी. कई मामलों में केवल किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) में दर्ज फसल के आधार पर बीमा पॉलिसी बना दी गई, जबकि किसान ने खेत में दूसरी फसल बो रखी थी.
जब प्राकृतिक आपदा, सूखा, ओलावृष्टि या अन्य कारणों से फसल खराब हुई और किसान क्लेम लेने पहुंचे, तो रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण उनका दावा अटक गया. अब सरकार ने इस समस्या को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है.
अब बैंक और वित्तीय संस्थानों की होगी पूरी जिम्मेदारी
कृषि आयुक्त ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, अपेक्स बैंक, राजस्थान ग्रामीण बैंक, सहकारी समितियों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. अब सभी संबंधित संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि, किसान की जमीन का रिकॉर्ड सही दर्ज हो. खेत में वास्तव में बोई गई या प्रस्तावित फसल की सही जानकारी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड की जाए. साथ ही किसान की सहमति लेने के बाद ही बीमा पॉलिसी जारी की जाए. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल KCC में दर्ज फसल के आधार पर अपने आप बीमा पॉलिसी जारी नहीं की जा सकती.
किसान की अनुमति के बिना नहीं बनेगी पॉलिसी
नई व्यवस्था के तहत किसी भी किसान की जानकारी और सहमति के बिना फसल बीमा पॉलिसी जारी नहीं की जाएगी. अगर बीमा रिकॉर्ड और खेत में बोई गई वास्तविक फसल में अंतर पाया जाता है, तो इसका जिम्मेदार किसान नहीं बल्कि संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था होगी. इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और भविष्य में क्लेम से जुड़े विवाद भी कम होंगे.
16 अगस्त तक बढ़ी आवेदन की अंतिम तारीख
राजस्थान सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन करने की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी है. पहले आवेदन की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी, जिसे अब बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दिया गया है. इससे ऐसे किसानों को भी मौका मिलेगा, जो किसी कारण समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे.
कहां और कैसे करें आवेदन?
किसान फसल बीमा के लिए इन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
- राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल
- नजदीकी बैंक शाखा
- सहकारी समिति
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- अधिकृत वित्तीय संस्थान
किसानों के लिए क्या है सलाह?
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसल बीमा करवाते समय अपनी जमीन, बोई गई फसल, बैंक खाते और अन्य सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच जरूर करें. आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद और दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखें. सरकार का मानना है कि, नए नियमों से फसल बीमा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, गलत रिकॉर्ड की वजह से क्लेम रुकने की समस्या कम होगी और प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को समय पर बीमा का लाभ मिल सकेगा.