Maize Procurement: उत्तर प्रदेश में 2025-26 रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद का काम पूरा होने के बाद अब सरकार ने मक्का खरीद शुरू कर दी है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह किसानों से जायद सीजन का मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदेगी. यह खरीद 15 जून से 31 जुलाई तक राज्य के 26 जिलों में की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं होगी.
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (खाद्य एवं रसद) रणवीर प्रसाद ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से कहा है कि 15 जून को तीन महीने तक चली गेहूं खरीद प्रक्रिया समाप्त हो गई और उसी दिन से राज्य के 26 जिलों में मक्का खरीद शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने MSP योजना के तहत मक्का खरीद के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और कटाई के समय उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से बचाना है.
26 जिलों में 150 खरीद केंद्र बनाए गए
प्रसाद के अनुसार, मक्का खरीद के लिए 26 जिलों में 150 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. सरकार ने इस सीजन में 25,000 मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य तय किया है. जिन जिलों में मक्का खरीद की जाएगी उनमें फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष सूची में दो नए जिलों को भी जोड़ा गया है.
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सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे केंद्र
सरकार के निर्देशों के अनुसार मक्का खरीद केंद्र रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे और पूरी खरीद अवधि के दौरान लगातार काम करेंगे. संबंधित एजेंसियों को खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलाने और किसानों की उपज का समय पर उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, MSP पर मक्का बेचने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा. इसके लिए किसान खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल, किसान मित्र ऐप, जन सुविधा केंद्र या साइबर कैफे की मदद ले सकते हैं.
भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे
पंजीकरण के दौरान किसानों को आधार नंबर, मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे. प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने कहा कि खरीदी गई मक्का का भुगतान PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजा जाएगा. सरकार का लक्ष्य खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान करने का है. सरकार ने किसानों को सुविधा देने के लिए यह व्यवस्था भी की है कि उनकी ओर से परिवार का कोई नामित सदस्य भी मक्का बेच सकता है. इसमें पति या पत्नी, माता-पिता, बेटे-बेटी या भाई-बहन शामिल हो सकते हैं. हालांकि इसके लिए जरूरी दस्तावेज और पहचान का सत्यापन कराना होगा.
डिजिटल निगरानी अनिवार्य कर दी गई
मक्का खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने डिजिटल निगरानी अनिवार्य कर दी है. सभी खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड ई-उपार्जन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा. वहीं खरीदी गई मक्का को भंडारण केंद्रों तक ले जाने वाले वाहनों की निगरानी GPS सिस्टम के जरिए की जाएगी. प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने कहा कि जिला अधिकारी नियमित रूप से खरीद केंद्रों का निरीक्षण करेंगे, ताकि बिचौलियों और व्यापारियों के माध्यम से खरीद न हो सके. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि MSP का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुंचे.