Odisha Flood Alert: ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. महानदी और उसकी सहायक नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने महानदी के निचले हिस्से में आने वाले 10 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं, हीराकुंड बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हीराकुंड बांध के 22 गेट खोलकर महानदी में पानी छोड़ा जा रहा है. बांध में लगातार पानी आ रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, बांध का जलस्तर 625.47 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी पूरी क्षमता 630 फीट है. ऐसे में आने वाले घंटों में पानी का स्तर और बढ़ सकता है.
20 जिलों के 8.34 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बाढ़ का असर अब राज्य के बड़े हिस्से में दिखाई दे रहा है. अब तक 20 जिलों के 8.34 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हो चुके हैं. कई गांवों का संपर्क टूट गया है, सड़कें और पुल पानी में डूब गए हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसके अलावा हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें भी पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है.
कई नदियां उफान पर, सैकड़ों घरों को नुकसान
महानदी के अलावा सालंदी, ब्राह्मणी, बैतरणी, जलका और बुधाबालंग जैसी नदियां भी उफान पर हैं. इन नदियों के पानी से उत्तर ओडिशा के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है. बाढ़ की वजह से 1,300 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. सबसे ज्यादा असर भद्रक जिले में देखा गया है. इसके अलावा जाजपुर, बालासोर और मयूरभंज जिलों में भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
10 जिलों में हाई अलर्ट, मुख्यमंत्री ने किया सर्वे
प्रशासन ने महानदी के निचले हिस्से में आने वाले 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है. इनमें कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जा रहे हैं क्योंकि ये महानदी डेल्टा क्षेत्र में आते हैं. इसके अलावा अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबरनपुर और नयागढ़ जिलों पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी दिल्ली दौरे से लौटने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे कर रहे हैं. उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं. सर्वे के दौरान राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की जा रही है.
राहत और बचाव पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. राहत शिविर बनाए गए हैं और खाने-पीने, दवाइयों व अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि अगर बारिश जारी रही और बांध से और पानी छोड़ना पड़ा, तो बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है. इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की सलाह का पालन करें.