महाराष्ट्र में किसानों की बदहाली पर बरसे राकेश टिकैत, 10 अगस्त तक बड़े आंदोलन का ऐलान!

Rakesh Tikait Maharashtra: जलगांव में किसान नेता राकेश टिकैत ने महाराष्ट्र के किसानों की कर्ज, फसल के उचित दाम और बीमा से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने MSP की कानूनी गारंटी और कर्जमाफी की मांग करते हुए 10 अगस्त तक बड़े किसान आंदोलन का संकेत दिया.

नोएडा | Published: 8 Aug, 2026 | 03:55 PM

Maharashtra Farmers Protest: महाराष्ट्र में किसानों की समस्याओं को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. जलगांव पहुंचे टिकैत ने कहा कि राज्य में किसान कर्ज, फसल के सही दाम और फसल बीमा जैसी कई परेशानियों से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसानों की मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो छोटे-छोटे किसान संगठनों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है. टिकैत ने 10 अगस्त तक आंदोलन की तैयारी की बात कही.

कर्ज के बोझ से परेशान किसान

राकेश टिकैत ने महाराष्ट्र में किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कई किसानों की जमीन गिरवी है और उनके ऊपर अलग-अलग तरह के कर्ज हैं. उनके मुताबिक, सीमित कर्जमाफी से किसानों की परेशानी पूरी तरह दूर नहीं होगी. टिकैत ने किसानों के लिए एकमुश्त और बड़ी कर्जमाफी की जरूरत बताई. उनका कहना है कि किसानों को ऐसी राहत मिलनी चाहिए जिससे वे पुराने कर्ज के बोझ से बाहर निकल सकें और दोबारा खेती पर ध्यान दे सकें.

कपास किसानों को उचित दाम की मांग

जलगांव में टिकैत ने कपास किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया. महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान कपास की खेती करते हैं, लेकिन उन्हें अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिलने की शिकायत है. उन्होंने कहा कि अगर फसल की लागत के हिसाब से किसानों को कीमत नहीं मिलेगी तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होगी. टिकैत ने फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई. उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील का असर किसानों की फसलों और कीमतों पर पड़ सकता है.

कर्जमाफी के साथ MSP गारंटी जरूरी

टिकैत का कहना है कि किसानों की समस्या का स्थायी समाधान सिर्फ कर्जमाफी नहीं है. इसके साथ उन्हें उनकी उपज का सही दाम मिलना भी जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में किसानों को MSP से कम कीमत पर फसल बेचने से करीब एक लाख करोड़ रुपये और महाराष्ट्र में करीब दो लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है. उनके मुताबिक, अगर किसानों को फसल का उचित दाम और MSP की कानूनी गारंटी मिले तो उन्हें बार-बार कर्जमाफी की जरूरत नहीं पड़ेगी. सही कीमत मिलने पर किसान अपनी आमदनी से कर्ज चुकाने में सक्षम हो सकेंगे.

फसल बीमा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

किसान नेता ने फसल बीमा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के कई किसानों को बीमा क्लेम और दूसरी प्रक्रियाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगह बीमा कंपनियों के स्थानीय कार्यालय तक नहीं हैं. उन्होंने सरकार और बीमा कंपनियों के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए. हालांकि, ये टिकैत द्वारा लगाए गए आरोप हैं.

छोटे किसान संगठनों को एकजुट होने की अपील

टिकैत ने महाराष्ट्र के छोटे-छोटे किसान संगठनों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के लिए संगठनों को साथ आना होगा. उन्होंने MSP की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और फसल के उचित दाम जैसे मुद्दों पर आंदोलन की जरूरत बताई. टिकैत ने कहा कि किसानों की मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाना चाहिए. उन्होंने विपक्षी दलों से भी संसद में किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की.

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