Sarthak-PDS Scheme: केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत बनाने के लिए ‘सार्थक-PDS’ योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में इस योजना के विस्तार को मंजूरी मिली. सरकार इस योजना पर करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसका उद्देश्य राज्यों को राशन के अनाज के परिवहन, भंडारण और वितरण में सहायता देना और PDS प्रणाली को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाना है. यह योजना 16वें वित्त आयोग की अवधि तक लागू रहेगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ‘सार्थक-PDS’ योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले पांच साल के लिए लागू किया जाएगा. इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशन के अनाज के परिवहन और रखरखाव के लिए मदद देगी. साथ ही राशन दुकानों (FPS) के डीलरों के खर्च के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार ने इस योजना के तहत केंद्रीय सहायता के नियमों में भी बदलाव करने का फैसला किया है, ताकि राज्यों को राशन वितरण व्यवस्था बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिल सके.
दो मौजूदा योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया
सरकार ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान लागू होने वाली ‘सार्थक-PDS’ योजना के तहत दो मौजूदा योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है. इनमें राज्यों को राशन के अनाज के परिवहन और फेयर प्राइस शॉप डीलरों के मार्जिन के लिए दी जाने वाली सहायता तथा PDS को तकनीक के जरिए आधुनिक बनाने वाली SMART-PDS योजना शामिल है. इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013 को और मजबूत तरीके से लागू करना है. सरकार ने कहा कि इससे NFSA के तहत आने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों तक बेहतर और पारदर्शी तरीके से राशन पहुंचाने में मदद मिलेगी.
81.35 करोड़ लोगों को सीधा फायदा
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत देश के लगभग 81.35 करोड़ लोगों को कम कीमत पर राशन दिया जाता है. सरकार का कहना है कि नई ‘सार्थक-PDS’ योजना से इस व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा. यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी और देश में खाद्य और पोषण सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करेगी.
PDS को डिजिटल बनाने पर काम कर रही सरकार
बता दें कि केंद्र सरकार पिछले कई सालों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को डिजिटल बनाने पर काम कर रही है. इसके तहत “मेरा राशन”, “अन्न मित्र”, “राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड” और “अन्न सहायता” जैसी कई डिजिटल सेवाएं शुरू की गई हैं. देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार लिंकिंग और ई-POS मशीनों के जरिए राशन वितरण की व्यवस्था लागू हो चुकी है. अब ‘सार्थक-PDS’ योजना के माध्यम से इन डिजिटल व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाएगा.