किसानों के आगे झुकी सरकार, सरवन सिंह पंढेर समेत 95 किसान नेता रिहा.. अब KMM का बड़ा ऐलान
Sarwan singh pandher released by punjab police: पंजाब पुलिस की हिरासत से रिहा किए जाने के बाद सरवन सिंह पंढेर ने किसान इंडिया से कहा कि किसानों की मांगों को लेकर उनका सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्वक विरोध करते हैं, अगर सरकार बात मान लेती है तो संघर्ष खत्म कर दिया जाएगा.
Kisan mazdoor morcha protest: पंजाब पुलिस ने किसान नेता सरवन सिंह पंढेर, जसविंदर सिंह लोंगोवाल समेत 95 किसानों को बिना शर्त रिहा कर दिया है. इन किसान नेताओं को 24 मार्च की तड़के सुबह पुलिस ने हिरासत में लिया था. बता दें कि किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में किसान अमृतसर में 22 मार्च को डीसी दफ्तर में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे तब पुलिस ने उन्हें रोका था और बाद में किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया था. किसान नेताओं ने कहा है कि पंजाब सरकार ने 5 बार मीटिंग के लिए बुलाया लेकिन किसानों से बात नहीं की. सरवन सिंह पंढेर ने किसान इंडिया से कहा कि किसानों की मांगों को लेकर उनका सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्वक विरोध करते हैं, अगर सरकार बात मान लेती है तो संघर्ष खत्म कर दिया जाएगा.
सरवन सिंह पंधेर समेत 95 किसान नेता रिहा
किसान मजदूर मोर्चा के नेता तेजवीर सिंह ने ‘किसान इंडिया’ को बताया कि 24 मार्च की तड़के सुबह हिरासत में लिए गए किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को पंजाब पुलिस ने रिहा कर दिया है. उन्होंने बताया कि किसान नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल समेत 95 किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था, सभी को बिना शर्त छोड़ दिया गया है. तेजवीर सिंह ने बताया कि किसानों की आवाज को बुलंद होने से कोई नहीं रोक सकता है.
अमृतसर धरने पर पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
किसान मजदूर मोर्चा के नेता गुरआमनीत सिंह मांगट ने बताया कि 22 मार्च को मोर्चा का धरना प्रदर्शन अमृतसर के डीसी परिसर में प्रस्तावित था, जहां वह सीएम के नाम ज्ञापन उप आयुक्त को सौंपने जा रहे थे. लेकिन, पुलिस ने किसानों को वहां से रोक दिया और शहर के बाहर ही बेरीकेडिंग लगा दी. इसके बाद शांतिपूर्वक धरने पर बैठे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे सैकड़ों की संख्या में किसान बुरी तरह घायल हो गए. कई लोगों के सिर, नाक फट गए. इसकी सूचना मिलने पर सरवन सिंह पंढेर ने 23 मार्च को अमृतसर कूच करने का ऐलान किया था. जिसके बाद अगले दिन किसान नेताओं को अमृतसर के धरना स्थल से हिरासत में लिया गया था.
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किसानों की बात नहीं सुनने पर बड़े संघर्ष की चेतावनी
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने रिहाई के बाद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हक की लड़ाई वह लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि दमन से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. हर गिरफ्तारी, हर लाठीचार्ज और हर अत्याचार इस संघर्ष को और मजबूत करेगा. पंजाब के किसान न डरेंगे और न झुकेंगे, वे और अधिक एकजुट होकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता.
किसानों की मांगों का हल नहीं मिलने पर आंदोलन होगा- सुखविंदर सिंह साबरा
पंजाब के किसान नेता सुखबीर सिंह साबरा ने किसान इंडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है. वे तो बस शांतिपूर्वक अपनी मांगें सीएम भगवंत मान तक पहुंचाना चाहते हैं और बातचीत करना चाहते हैं. लेकिन, सीएम ने किसानों को 5 बार बुलाकर खुद बैठक के लिए नहीं पहुंचे और जब किसान अपनी बात रखने के लिए जाते हैं तो पुलिस लाठीचार्ज करती है और नेताओं को हिरासत में लेती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह तरीका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों की मांगों पर हल नहीं देती है तो किसान मजदूर मोर्चा बड़े आंदोलन का ऐलान करेगा.
किसान नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में किसानों ने सीएम भगवंत मान का पुतला जलाया और नारेबाजी की.
सतनाम सिंह पन्नू के आह्वान पर गांव-गांव में सीएम का पुतला दहन
इससे पहले किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब सूबा के प्रमुख सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि भगवंत मान की सरकार ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे किसानों और मजदूरों पर लाठीचार्ज किया और उनके प्रदर्शन को तितर-बितर कर दिया. इसके विरोध में उन्होंने गांव-गांव में भगवंत मान के पुतले जलाने की घोषणा की, जिसके बाद लोगों ने पुतले जलाए और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. किसान नेता ने कहा कि सरवन सिंह पंढेर समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी सरकार की हताशा को दर्शाती है. लेकिन, किसान उनकी दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेंगे.