शरद पवार का सरकार को अल्टीमेटम, कर्जमाफी का वादा पूरा करें, नहीं तो आंदोलन होगा

Maharashtra Farm Loan Waiver: एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार से किसानों से किया गया कर्जमाफी का वादा जल्द पूरा करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि, अगर तय समय में कर्जमाफी लागू नहीं हुई तो उनकी पार्टी पूरे राज्य में आंदोलन करेगी.

नोएडा | Updated On: 18 Jul, 2026 | 03:57 PM

Farm Loan Waiver: महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने राज्य सरकार से किसानों से किया गया कर्जमाफी का वादा जल्द पूरा करने की मांग की है. उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार तय समय में अपना वादा पूरा नहीं करती, तो उनकी पार्टी पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन शुरू करेगी.

बारामती में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शरद पवार ने कहा कि, किसान लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं. ऐसे में सरकार को चुनाव के दौरान किए गए वादों को निभाना चाहिए और किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देनी चाहिए.

किसानों को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी

शरद पवार ने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत किसानों को आर्थिक राहत देने की है. खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि कई किसानों की आय पर मौसम और बाजार की मार पड़ रही है. ऐसे में कर्ज का बोझ उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है.

उन्होंने कहा कि, अगर सरकार कर्जमाफी लागू करती है तो उनकी पार्टी उसका स्वागत करेगी. लेकिन अगर किसानों से किया गया वादा अधूरा रह गया, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी और राज्यभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी.

सरकार का दावा- सबसे बड़ी कर्जमाफी योजना लागू

दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कृषि कर्जमाफी योजना लागू की है. मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने कर्जमाफी की सीमा बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी है. साथ ही महात्मा ज्योतिबा फुले किसान कर्जमाफी योजना के दायरे का भी विस्तार किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके.

उन्होंने बताया कि, पहले योजना का लाभ ले चुके लेकिन बाद में दोबारा डिफॉल्टर बने किसानों को भी इस बार शामिल किया गया है. इसके अलावा 27 दिसंबर 2019 के सरकारी प्रस्ताव के तहत 50 हजार रुपये तक के बकाया फसल लोन और पुनर्गठित फसल लोन वाले पात्र किसानों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है.

कर्जमाफी पर तेज हुई सियासत

शरद पवार के बयान के बाद राज्य में कर्जमाफी का मुद्दा फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है. विपक्ष सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि, किसानों को राहत देने के लिए पहले से कई कदम उठाए जा चुके हैं. आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है, खासकर तब जब किसान संगठनों की ओर से भी कर्जमाफी की मांग लगातार उठाई जा रही है.

पार्टी में टूट के सवाल पर नहीं दिया सीधा जवाब

पत्रकारों ने जब शरद पवार से उनकी पार्टी में संभावित टूट की खबरों को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि “अभी इस विषय पर बात करने का समय नहीं है.” हालांकि, इससे पहले जून में उन्होंने साफ कहा था कि उनकी पार्टी में किसी तरह के विभाजन की संभावना नहीं है. अब उनके बदले हुए रुख ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा किसानों की कर्जमाफी को लेकर है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या फैसला लेती है और क्या किसानों से किया गया वादा तय समय में पूरा हो पाता है.

Published: 18 Jul, 2026 | 03:55 PM

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