4 महीने में 10 बार कर्ज माफी की घोषणा पर लागू अब तक नहीं, फिर एक माह बढ़ने से किसान मुश्किल में

Farm Loan Waiver Scheme : विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि कर्ज माफी स्कीम लागू करने में देरी से किसान ऋण नहीं ले पा रहे हैं. किसानों को जून और जुलाई के दौरान ऋण की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि सरकार यह बताए कि योजना लागू किस दिन से की जाएगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 15 Jul, 2026 | 02:09 PM

Maharashtra Farm Loan Waiver Scheme : महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया है. लेकिन, अब तक इसे लागू नहीं किए जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. क्योंकि, जिन पात्र किसानों ने पहले कृषि उपकरणों, बीजों या अन्य कृषि कार्यों के लिए लोन आवेदन दिए थे, वे अटके हुए हैं. विपक्ष का आरोप है कि जब तक मौजूदा कर्ज माफी योजनाओं को लागू करके अकाउंट क्लियर नहीं किए जाते हैं, किसानों को बैंकों से वित्तीय मदद ठिठक गई है. ऐसे में खरीफ सीजन की कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. इसलिए सरकार कर्जमाफी का प्रचार करके वाहवाही लूटने की बजाय इसे लागू करने की डेडलाइन बताए.

56 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ कर्ज माफ किया जाना है

महाराष्ट्र सरकार ने बीते 2 जून को राज्य के 56 लाख से अधिक किसानों के कर्ज को माफ करने की मंजूरी दी है. इसके तहत किसानों पर बकाया कर्ज 36,585 करोड़ रुपये लोन माफी स्कीम के तहत स्वीकृति दी गई. लेकिन, कर्जमाफी योजना में लगाई गई शर्तों को लेकर लगातार बवाल हो रहा था. विपक्ष ने विधानसभा परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया था. जबकि, NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने दो बार हड़ताल और जेल भरो आंदोलन किया. विपक्ष का कहना था महाराष्ट्र सरकार की कृषि ऋण माफी योजना कई शर्तों वाली है और इससे राज्य के लगभग 70 फीसदी किसानों के साथ अन्याय होगा. ऐसे में योजना का कार्यान्वयन रुका रहा है.

10 बार कर्जमाफी की घोषणा पर लागू अब तक नहीं

विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले तीन-चार महीनों में सरकार ने लगभग 10 बार कृषि ऋण माफी की घोषणा की है, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है. शुरू में समय-सीमा जून के अंत तक तय की गई थी, फिर इसे जुलाई तक बढ़ा दिया गया, और आज 13 जुलाई है. मैंने कृषि मंत्री को यह कहते हुए सुना कि इसे जुलाई के अंत तक लागू कर दिया जाएगा. अब उन्होंने योजना में कुछ बदलाव किए हैं, जिसका मतलब है कि समय-सीमा एक महीने और बढ़ा दी गई है.

कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद मिलने में मुश्किल झेल रहे किसान

विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि इस देरी के कारण किसान ऋण नहीं ले पा रहे हैं. किसानों को जून और जुलाई के दौरान ऋण की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें यह नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार यह बताए कि कर्जमाफी योजना लागू किस दिन से की जाएगी. सरकार बार बार प्रचार करके वाहवाही लूटने का काम बंद करे. क्योंकि, पहले से वित्तीय मदद के आवेदनों को रोककर रखा गया है, ऐसे में किसानों को खरीफ सीजन की कृषि गतिविधियों में मुश्किल हो रही है.

शर्तों में बदलाव से सरकार का खर्च बढ़ा है, जल्द ही लागू करेंगे – कृषि मंत्री

महाराष्ट्र सरकार के कृषि मंत्री दत्तात्रेय विठोबा भरणे ने मीडिया से कहा कि इस कृषि ऋण माफी योजना से 56 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा होने की उम्मीद है. पहले मुख्यमंत्री ने अनुमान लगाया था कि योजना की कुल लागत लगभग 36,085 करोड़ रुपये होगी. हालांकि, 2019 में महात्मा फुले ऋण माफी योजना के तहत जिन किसानों ने नियमित रूप से अपना ऋण चुकाया था, उन्हें 50,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया गया था. लेकिन, शर्तों में ढील देते हुए ऋण माफी की सीमा बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे कुल खर्च काफी बढ़ जाएगा.

किन शर्तों को बदला गया

महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि किसानों की मांग पर कर्जमाफी योजना में बड़ी राहत की घोषणा की गई. इसके तहत 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले कृषि लोन माफी स्कीम के तहत आने वाले किसान अब पहले मिलने वाले 50,000 रुपये के इंसेंटिव यानी प्रोत्साहन राशि के बजाय 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी के लिए पात्र होंगे. वहीं, लोन की  कुछ किस्तें चुकाने की शर्त को भी हटाया गया है.

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Published: 15 Jul, 2026 | 01:59 PM

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