शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने, दो डिप्टी CM के चेहरों का भी खुलासा
शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. यानी आज से वे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री हो गए. देश की आजादी के बाद यह पहली बार है, जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है. शपथ लेने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीवार्द लिया.
शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. यानी आज से वे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री हो गए. देश की आजादी के बाद यह पहली बार है, जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है. शपथ लेने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीवार्द लिया. पीएम मोदी ने शुभेंदु अधिकारी की पीठ थपथपाकर बधाई दी. जब वह योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे, तो योगी आदित्यनाथ ने उन्हें गमछा पहनाकर स्वागत किया. इस मौके पर मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के साथ पांच अन्य लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली है, जिसमें मुख्य चेहरा अग्निमित्रा पॉल और दिलीप घोष हैं. माना जा रहा है कि अग्निमित्रा पॉल और दिलीप घोष को डिप्टी सीएम का पद मिल सकता है.
5 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने सुवेंदु अधिकारी को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. वहीं, सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बीजेपी के 5 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिसमें निसिथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू का नाम शामिल है.
यहां से निर्वाचित हैं मंत्री पद की शपथ लेने वाले ये विधायक
अशोक कीर्तनिया बनगांव उत्तर से नवनिर्वाचित विधायक हैं. वह लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं और मतुआ समुदाय के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं. वहीं, अग्निमित्रा पॉल ने भी बीजेपी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में मंत्री पद की शपथ ली. फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल आसनसोल दक्षिण से नवनिर्वाचित विधायक हैं. उन्हें पश्चिम बंगाल में बीजेपी का एक मजबूत महिला चेहरा माना जाता है.
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निसिथ प्रमाणिक माथाभंगा सीट से विधायक हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत टीएमसी से की थी, लेकिन साल 2019 में बीजेपी में शामिल हो गए. वह कूचबिहार से सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वहीं, रानीबांध सीट से पहली बार विधायक बने खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली. पेशे से शिक्षक खुदीराम टुडू को बंगाल बीजेपी का आदिवासी चेहरा माना जाता है.
दिलीप घोष की जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़
वहीं, पश्चिम बंगाल के चर्चित बीजेपी चेहरा दिलीप घोष पश्चिम मेदिनीपुर की खड़गपुर सदर सीट से चुनाव जीते हैं. उन्होंने 7 बार के विधायक ज्ञान सिंह सोहनपाल को हराया है. दिलीप घोष ने बीजेपी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है. जंगलमहल और उत्तर बंगाल में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. वह पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
मात्र 6 साल में मुख्यमंत्री पद तक का सफर
बता दें कि करीब 6 साल पहले सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी जॉइन की थी. उस समय अमित शाह ने खुद उन्हें पार्टी में शामिल किया था. साल 2026 तक आते-आते शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए. उन्हें बंगाल बीजेपी का ‘जयंत किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने लगातार दो चुनावों में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया. साल 2021 में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर और 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मात दी. इसी वजह से उनका मुख्यमंत्री बनना ऐतिहासिक माना जा रहा है. शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और बड़े नेता मौजूद रहे. शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री और बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं.