Wheat Procurement Standards Relaxed: बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से तबाह हुए किसानों के लिए बड़ी राहत भरा फैसला लिया गया है. हरियाणा के किसानों को गेहूं खरीद मानकों के तहत चमकहीन दाने पर छूट सीमा बढ़ाकर 700 फीसदी कर दी गई है. इसके साथ ही टूटे और सिकुड़े दाने की खरीद पर छूट सीमा को बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया है. बता दें कि हरियाणा में बीते मार्च से लगातार रुक-रुककर बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान पहुंचा है. ऐसे में किसानों को यह राहत दिए जाने के लिए जारी ताजा आदेश से किसानों खुशी जताई है.
केंद्र ने कृषि सचिव को भेजी चिट्ठी में खरीद मानक में छूट देने के निर्देश दिए
हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू कर दी गई है. ऐसे में बारिश से भीगे और प्रभावित हुए गेहूं की खरीद को लेकर किसानों में असंतोष देखा गया है. इसके बाद किसानों की मांग पर केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (भंडारण एवं अनुसंधान प्रभाग) की ओर से हरियाणा सरकार के अपर मुख्य सचिव कृषि को जारी निर्देश में कहा गया है कि हरियाणा राज्य में RMS 2026-27 के लिए गेहूं की एक समान विशिष्टताओं में छूट दी जाए.
सभी जिलों छूट के साथ नियम लागू करने के निर्देश
पत्र में रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की एक समान विशिष्टताओं में छूट की मांग की गई है, क्योंकि हरियाणा राज्य के सभी जिलों में बेमौसम बारिश के कारण फसल प्रभावित हुई है. किसानों की कठिनाइयों को कम करने और गेहूं की संकटपूर्ण बिक्री (distress sale) से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के दौरान हरियाणा राज्य के सभी जिलों में गेहूं की खरीद निम्नलिखित छूटों के साथ की जाएगी.
- पूरे हरियाणा राज्य में ‘चमक खो चुके’ (Lustre Loss) गेहूं की सीमा को 70 फीसदी तक छूट दी जाएगी.
- पूरे हरियाणा में एक समान विशिष्टताओं के तहत मौजूदा 6 फीसदी की सीमा के मुकाबले ‘सिकुड़े हुए एवं टूटे हुए’ दानों की सीमा को 15 फीसदी तक खरीद की जाएगी.
- क्षतिग्रस्त और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दोनों प्रकार के दानों की कुल मात्रा 6 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए.

हरियाणा में गेहूं खरीद नियमों में ढील देने का आदेश पत्र.
गेहूं के स्टॉक को प्राथमिकता पर राज्य सरकार इस्तेमाल करेगी
छूट विशिष्टताओं के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से भंडारित (स्टैक) किया जाएगा और उसका लेखा-जोखा भी अलग से रखा जाएगा. भंडारण के दौरान छूट मानदंडों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक की क्वालिटी में किसी भी प्रकार की गिरावट होने पर उसकी जिम्मेदारी केवल हरियाणा राज्य सरकार की होगी. ढीले मानदंडों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा. इस छूट के चलते होने वाले किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.