तमिलनाडु में ‘विजय फैक्टर’ का तूफान.. किंगमेकर की जगह ‘किंग’ बनेंगे थलापति! स्टालिन की DMK पीछे छूटी
Tamil Nadu Election Result: ज्यादातर एग्जिट पोल तमिलनाडु में डीएमके की लगातार दूसरी जीत का अनुमान जता रहे हैं, लेकिन एक सर्वे ने इस बार ‘विजय फैक्टर’ की जबरदस्त लहर की ओर इशारा किया है. इसके मुताबिक, विजय की एंट्री से चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है और उनके प्रभाव के चलते राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं, जिससे नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है.
Tamil Nadu Election Results Live: तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से दो बड़ी पार्टियों, ‘डीएमके और एआईएडीएमके’ के इर्द-गिर्द घूमती रही है. लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में तस्वीर बदलती नजर आ रही है. इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, जिसमें मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की डीएमके, एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन और अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम (TVK)’ शामिल हैं.
क्या किंगमेकर बनेगी विजय की पार्टी?
शुरुआती रुझानों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विजय की पार्टी TVK मजबूत प्रदर्शन करती दिख रही है और कई जगहों पर डीएमके को कड़ी टक्कर दे रही है. कुछ आंकड़ों में तो TVK को बढ़त मिलती भी नजर आ रही है. इससे साफ है कि राज्य की राजनीति में एक नया चेहरा तेजी से उभर रहा है. इस चुनाव में कुल 234 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का जादुई आंकड़ा जरूरी है. कुछ सर्वेक्षणों के अनुसार, TVK 100 के आसपास सीटें जीत सकती है, जिससे वह ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ सकती है. अगर ऐसा होता है, तो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
49 साल बाद इतिहास रचने की दहलीज पर विजय
अगर विजय 2026 में तमिल जीते थे, तो वह 1977 में एम. जी. रामचन्द्रन के बाद पहले अभिनेता से सीएम बनने वाले नेता होंगे. उस दौर में एमजीआर ने सिनेमा की लोकप्रियता को राजनीति में बदलकर एक मजबूत जनाधार बनाया था. अब शुरुआती रुझानों में विजय की TML 100-118 सीटों के बीच दिख रही है, जो उन्हें बहुमत के बेहद करीब और राज्य की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा करती है.
एग्जिट पोल में अलग-अलग तस्वीर
अधिकांश एग्जिट पोल डीएमके गठबंधन को बढ़त देते नजर आए, लेकिन आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिला.
- कुछ सर्वे में डीएमके गठबंधन को 120 से ज्यादा सीटों का अनुमान
- एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन को 60-100 सीटों के बीच
- वहीं TVK को 0 से लेकर 100 प्लस सीटों तक का अनुमान, खासकर कुछ सर्वे में
एक प्रमुख सर्वे में ‘विजय फैक्टर’ को काफी मजबूत बताया गया, जिसमें उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए भी स्टालिन से थोड़ा आगे दिखाया गया.
क्या तमिलनाडु में आएगा बड़ा राजनीतिक बदलाव?
जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके लगातार कमजोर होती नजर आई है. इस बार भी पार्टी के सामने अपनी खोई हुई पकड़ वापस पाने की बड़ी चुनौती है. बीजेपी के साथ गठबंधन होने के बावजूद उसे मजबूत वापसी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है. तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 50 वर्षों से दो दलों का दबदबा रहा है, लेकिन 2026 का चुनाव इस परंपरा को तोड़ सकता है. TVK का उभार संकेत दे रहा है कि मतदाता नए विकल्प की तलाश में हैं.
तमिलनाडु चुनाव 2026 सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि बदलाव का संकेत भी बन सकता है. अगर रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है, जहां पारंपरिक दलों के साथ एक नई ताकत भी मजबूत भूमिका निभाएगी.