फसल कीमतें, कर्ज माफी के लिए किसानों का अनूठा प्रदर्शन, अर्धनग्न होकर मरे चूहे लेकर नारेबाजी    

Tamil Nadu Farmers Protest: किसानों ने कहा कि उनकी अनदेखी कर संकट में धकेला जा रहा है. किसानों ने अपने शरीर पर कपड़े की पट्टियां बांधीं और अपनी पीड़ा और निराशा को उजागर करने के लिए चूहे खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया.

नोएडा | Updated On: 30 Jan, 2026 | 05:38 PM

Kisan Andolan Tamilnadu: फसलों की सही कीमत नहीं मिलने, कर्ज माफी, कावेरी नदी बांध समेत अन्य मांगों को लेकर तमिलनाडु के किसानों ने अनूठा प्रदर्शन किया. अर्धनग्न होकर पहुंचे किसानों ने मरे चूहों को हाथ में पकड़कर प्रदर्शन किया है और केंद्र के साथ राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. किसानों ने कहा कि किसानों के लिए राज्य में हालात खराब हो गए हैं. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपने शरीर पर कपड़े की पट्टियां बांधीं और अपनी पीड़ा और निराशा को उजागर करने के लिए चूहे खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया.

किसानों ने अनदेखी पर विरोध में चूहे लेकर नारेबाजी

नेशनल साउथ इंडियन रिवर्स लिंकिंग फार्मर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अय्याकन्नू के नेतृत्व में तमिलनाडु के किसानों ने त्रिची जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर किसान समुदाय के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारें कृषि उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य देने में विफल रही हैं, तमिलनाडु में सहकारी बैंकों से लिए गए कृषि ऋण माफ नहीं किए हैं, और कावेरी नदी पर चेक डैम बनाकर पानी जमा करने के कदम नहीं उठाए हैं.

किसानों को संकट की ओर धकेला जा रहा

किसानों ने दावा किया कि इन विफलताओं के कारण किसानों को एक बार फिर अत्यधिक संकट में धकेला जा रहा है. किसानों ने मरे चूहे लेकर नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से “चूहे खाने” की स्थिति पैदा करने के लिए नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपने शरीर पर कपड़े की पट्टियां बांधीं और अपनी पीड़ा और निराशा को उजागर करने के लिए चूहे खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया.

किसानों ने मरा चूहा खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर विरोध जताया. (सभी तस्वीरें ANI)

शरीर पर राख लगाकर जमीन पर बैठे किसान

किसानों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री किसानों की शिकायतों को सुनने, उनकी मांगों को लागू करने या उनसे किए गए चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं, प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर किसान समुदाय के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया. यह विरोध प्रदर्शन तिरुचिरापल्ली जिला कलेक्ट्रेट के सामने किया गया. एक प्रतीकात्मक विरोध के हिस्से के रूप में किसानों ने अपने शरीर पर धार्मिक राख (नामम) लगाया. इस असामान्य प्रदर्शन में सौ से अधिक किसानों ने भाग लिया.

कई दिनों से चल रहा किसानों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

किसानों ने नारे लगाए और मांग की कि सरकार चुनावों के दौरान किसानों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखना बंद करे और बाद में उनकी उपेक्षा न करे. उन्होंने किसानों की आजीविका की रक्षा करने और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल नीतिगत कार्रवाई का आग्रह किया. इससे पहले मंगलवार को किसानों की मांगों की कथित तौर पर अनदेखी करने के लिए जिला प्रशासन की निंदा करते हुए तिरुचिरापल्ली में किसानों के एक समूह ने प्रतीकात्मक मानव मल खाकर विरोध प्रदर्शन किया.

चुनाव के दौरान किसानों से 56 वादे किए गए थे, वो पूरे करे सरकार

किसानों ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान कृषि और किसानों के संबंध में लगभग 56 चुनावी वादे किए गए थे. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से अधिकांश आश्वासन अधूरे हैं. उन्होंने विशेष रूप से DMK सरकार पर सभी कृषि ऋणों की पूर्ण माफी, कृषि उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, अतिरिक्त धान खरीद केंद्र खोलने और पूर्ण फसल बीमा मुआवजा प्रदान करने सहित वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया.

Published: 30 Jan, 2026 | 05:30 PM

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